Advertisement
ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
Example Ads Media
नैनीताल: विराट कोहली सबके पसंदीदा क्रिकेटर तो हैं ही, मगर इसके साथ ही वे समय-समय पर खेल के स्तर पर हो रही लापरवाही से भी लोगों को अवगत कराते हैं।
हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बच्चों के लिए खेल के मैदानों की कमी की बात कही गई है। इस के बारे में जारी क्रिकेटर विराट कोहली के एक वीडियो पर उत्तराखंड हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। अदालत ने इस मामले पर राज्य और केंद्र सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। कोर्ट में कहा कि सरकार वैसे तो बच्चों के खेल कूद से संबंधित बड़े-बड़े दावे करती है मगर धरातल पर यह सभी दावे फेल हो जाते हैं। असलियत तो यह है कि बच्चों के पास खेलने के लिए जगह नहीं है और अगर है भी तो वह बहुत कम है। जिस वजह से कई बच्चों को अपना मन मारना पड़ता है। आगे पढ़िए
कोर्ट ने विकास सचिव और भारत सरकार के खेल सचिव समेत अन्य को नोटिस जारी करते हुए तीखे सवाल पूछे। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए खेल के मैदानों की उचित व्यवस्था क्यों नहीं है। दरअसल वीडियो में कोहली की कुछ बच्चों के साथ बातचीत है। इसमें जमीनी हकीकत उजागर हुई है। इस मामले में कुछ बच्चों ने मुख्य न्यायाधी को पत्र भी लिखा था। बच्चों ने पत्र में कहा था कि जब वे गली में क्रिकेट खेलते हैं। अदालत ने इस वीडियो पर संज्ञान लिया। अदालत ने राज्य और केंद्र सरकार से बेहद तीखे सवाल पूछे। उच्च न्यायालय ने कहा कि कई स्थानों पर बच्चों के लिए खेल के मैदान नहीं हैं। बच्चे खेल सुविधाओं से वंचित हैं। सरकार बताए कि आखिर बच्चों को खेल का मैदान देने के लिए उसने कौन सी नीति लागू की है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।