Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
नैनीताल: फ्लैट दिलाने के नाम पर लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी करने वाले पुष्पांजलि बिल्डर्स पर उत्तराखंड एसटीएफ का शिकंजा कसता जा रहा है।
इस मामले में एसटीएफ ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए पुष्पांजलि ग्रुप के डायरेक्टर राजपाल वालिया को गिरफ्तार किया है। राजपाल वालिया पर 25 हजार का इनाम घोषित था। उसे एसटीएफ ने नैनीताल से पकड़ा। पुष्पांजलि फ्रॉड मामले में दीपक मित्तल और राजपाल वालिया लगातार फरार चल रहे थे। इससे पहले एसओजी ने दीपक मित्तल के पिता अश्वनी मित्तल को भी गिरफ्तार किया था। दीपक मित्तल और राजपाल वालिया ही पुष्पांजलि प्रोजेक्ट्स धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार रहे हैं। राजपाल वालिया लंबे वक्त से फरार चल रहा था। वो गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा। आगे पढ़िए
इतना ही नहीं राजपाल ने फोन का इस्तेमाल भी बंद कर दिया था, जिस वजह से उसकी गिरफ्तारी चुनौती बनी हुई थी। बता दें कि साल 2020 में मुजफ्फरनगर और देहरादून के कई लोगों ने पुष्पांजलि रियलम्स पर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे। इस मामले में पुलिस ने शुरुआत में डालनवाला थाने में पुष्पांजलि के मालिक दीपक मित्तल, पत्नी राखी मित्तल, डायरेक्टर राजपाल वालिया आदि के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। दीपक मित्तल और उसकी पत्नी राखी मित्तल अब तक फरार हैं। दंपति पर 50-50 हजार का इनाम घोषित है। वहीं राजपाल वालिया को नैनीताल से गिरफ्तार किया गया है।