नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों के पैसे-प्रॉपर्टी हड़पने वाला ठग गिरफ्तार, गैंग के साथ मिलकर चला रहा था धंधा। आरोपी कभी डीएम तो कभी समीक्षा अधिकारी बनकर बेरोजगारों को ठग रहा था।
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अनुष्का ढौंडियाल
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Image: Haridwar fraud District Magistrate Nihar Karnawal arrested
हरिद्वार: हरिद्वार में नौकरी का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाला शातिर जालसाज पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी पर 70 लाख की धोखाधड़ी का आरोप है।
fraud District Magistrate Nihar Karnawal arrested
ज्वालापुर और रानीपुर कोतवाली पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के तीन साथी फरार हैं, पुलिस उनकी तलाश में जुटी है। आरोपी खुद को कभी डीएम तो कभी समीक्षा अधिकारी बताकर बेरोजगारों को ठग रहा था। उसने एक युवती को शादी-नौकरी का झांसा देकर उसका प्लाट और कार भी हड़प ली थी। चलिए पूरा मामला बताते हैं। 21 सितंबर को ज्वालापुर कोतवाली में खन्नानगर निवासी चेतना अरोड़ा ने केस दर्ज कराया था। उसने बताया कि निहार कर्णवाल निवासी खन्नानगर ने खुद को डीएम और पीडब्ल्यूडी अधिकारी बताकर चेतना से धोखाधड़ी की। उसने एसडीएम के पद पर जॉब लगवाने के एवज में 70 लाख रुपये मांगे। पीड़ित के पास इतनी बड़ी रकम नहीं थी।
तब निहार कर्णवाल ने अपने साथी निशांत कुमार और अन्य के साथ मिलकर धोखाधड़ी कर उसके भाई का मकान हड़प लिया। मामले की जांच चल ही रही थी कि इसी दौरान निहार के खिलाफ एक युवती ने शादी और नौकरी का झांसा देकर उसके माता-पिता से प्लॉट और कार हड़पने का केस दर्ज करा दिया। युवती ने निहार कर्णवाल पर जबरन शारीरिक संबंध बनाने का भी आरोप लगाया। केस दर्ज होने पर आरोपी भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। निहार कर्णवाल के तीन साथियों निशांत कुमार गुप्ता, निखिल बेनीवाल, मेमकिला की तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी गैंग बनाकर काम करते थे और बेरोजगार युवक-युवतियों को अपने जाल में फंसाकर लूट लेते थे। निहार खुद को डीएम बताता था, जबकि उसके लिए गाड़ियों और गनर का इंतजाम निशांत करता था। फिलहाल आरोपी निहार पुलिस की गिरफ्त में है, उससे पूछताछ की जा रही है।