उत्तराखंड: एक साल बाद मिला बेटे का शव, बिलख उठे परिजन, नम आंखों से दी अंतिम विदाई

परिजनों ने 1 साल के बाद अपने बेटे का शव देखा तो बिलख पड़े। विनय पंवार हरिद्वार के हरिपुरकलां के रहने वाले थे।
Advertisement Best Hidden Treks in Kedar Himalaya for True Mountain Lovers

A chance to reconnect with nature and inner peace. Treks in Kedar Himalaya that stay with you for a lifetime.

Example Ads Media
Vinay Panwar Haridwar: Vinay Panwar body recovered from Draupadi Ka Danda
Image: Vinay Panwar body recovered from Draupadi Ka Danda

हरिद्वार: उत्तरकाशी के द्रौपदी का डांडा-2 में पिछले साल आरोहण के दौरान हिमस्खलन हुआ था। इस बर्फीले तूफान में 27 पर्वतारोहियों की मौत हो गई थी।

Vinay Panwar body recovered from Draupadi Ka Danda

अब उस हिमस्खलन में लापता हुए निम के प्रशिक्षु पर्वतारोही का शव एक साल बाद बरामद हुआ। शव की पहचान नौसेना में नाविक विनय पंवार के रूप में हुई। परिजनों ने 1 साल के बाद अपने बेटे का शव देखा तो बिलख पड़े। विनय पंवार हरिद्वार के हरिपुरकलां के रहने वाले थे। शुक्रवार सुबह नाविक विनय का शव प्रशासन और नौसेना के अधिकारी उनके आवास पर लेकर आए। यहां पार्थिव शरीर को दस मिनट के लिए रखा गया। इसके बाद पार्थिव शरीर को खड़खड़ी शमशान घाट पर ले जाया गया। इसके बाद सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया। आगे पढ़िए

आपको बता दें कि बीते साल नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स के करीब 34 प्रशिक्षुओं का दल द्रौपदी का डांडा-2 चोटी आरोहण के लिए गया था। आरोहण के दौरान सभी पर्वतारोही हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे। हादसे में 27 लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे में दो प्रशिक्षु लापता चल रहे थे। इनमें नौसेना में नाविक विनय पंवार और आर्मी मेडिकल कोर के चिकित्सक लेफ्टिनेट कर्नल दीपक वशिष्ट शामिल थे। बीती चार अक्तूबर को हादसे की बरसी थी। इस दिन दोबारा से चोटी आरोहण के लिए पहुंचे निम के दल ने लापता प्रशिक्षुओं में से एक का शव क्रैवास से बरामद किया। सूचना पर पहुंची नौसेना ने पुलिस से शव लेने की कार्रवाई पूरी की। निम के उप प्रधानाचार्य मेजर देवल वाजपेयी का कहना है कि दूसरे लापता प्रशिक्षु पर्वतारोही की भी तलाश की जा रही है।