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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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हरिद्वार: कहते हैं पूत कपूत हो सकता है, पर माता कुमाता नहीं हो सकती, लेकिन ये पूरा सच नहीं है।
बदलते वक्त में अब दूसरे रिश्तों के साथ ही मां और संतान का रिश्ता भी दम तोड़ने लगा है। हरिद्वार में एक ऐसी ही झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक महिला ने दूसरी शादी कर ली और नई गृहस्थी बसते ही बेटा-बेटी को लावारिस छोड़ दिया। दोनों बच्चे हरिद्वार में भीख मांग रहे थे। मानव तस्करी निरोधक दस्ते (एएचटीयू) ने बच्चों की मां की तलाश की और उसको फटकार लगाकर बच्चों को उनके मामा के सुपुर्द कर दिया। घटना 30 सितंबर की है। रोड़ीबेलवाला पार्किंग में एक बालक और बालिका भीख मांग रहे थे। दोनों बच्चे गलत हाथों में पड़ सकते थे। आगे पढ़िए
लेकिन शुक्र है कि एएचटीयू तुरंत मौके पर पहुंच गई और दोनों बच्चों को अपने संरक्षण में लेकर श्रीराम आश्रम में दाखिल करा दिया था। पूछताछ में दोनों बच्चों ने अपने नाम बताते हुए कहा कि उनके पिता मनीष की मौत के बाद मां शिखा उन्हें यहां लेकर आई थी। बाद में एएचटीयू ने आस-पास के जिलों की पुलिस से संपर्क किया और कई दिन बाद बच्चों के मामा को ढूंढ निकाला, जो कि मुजफ्फरनगर में रहता है। पुलिस ने उसे बुलाया तो जट मंझोड़ा गांव निवासी रवि कुमार ने कहा कि बहन ने दोनों बच्चों को हॉस्टल में छोड़ने की बात कही थी, उन्हें नहीं पता था कि दोनों बच्चे हरिद्वार में भीख मांग रहे हैं। रवि कुमार ने ये भी बताया कि उसकी बहन ने दो महीने पहले दूसरी शादी कर ली है। बहरहाल पुलिस ने दोनों बच्चों को उनके मामा के सुपुर्द कर दिया है।