सोशल मीडिया पर लोग युद्ध को लेकर बंटे हुए हैं। इस बीच हमास-फिलिस्तीन के समर्थन में कई जगह पोस्ट भी किए जा रहे हैं, ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
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कोमल नेगी
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Image: Israel hamas war shocking case in uttarakhand 11 banned
उधमसिंह नगर: इस्राइल और हमास के बीच युद्ध का असर पूरी दुनिया पर दिख रहा है। युद्ध के दौरान करीब पांच हजार लोगों की मौत हो गई।
Israel hamas war shocking case in uttarakhand
इस बीच, मंगलवार को गाजा के अस्पताल में विस्फोट हो गया, जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई। सोशल मीडिया पर लोग युद्ध को लेकर बंटे हुए हैं। इस बीच हमास-फिलिस्तीन के समर्थन में कई जगह पोस्ट भी किए जा रहे हैं, ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उत्तराखंड के काशीपुर में भी पुलिस ने सख्ती करते हुए 11 लोगों को पाबंद किया है। ये लोग फिलिस्तीन के समर्थन में कैंडल मार्च करना चाहते थे, इसके लिए प्रशासन से परमिशन मांग रहे थे। जिन लोगों के खिलाफ नोटिस जारी हुआ है, उनमें नदीम अख्तर, राशिद अली और राशिद अंसारी, अफसर खान, तस्लीम वजाहत, मिर्जा नदीम बेग, उस्मान, शादाब चौधरी, जाकिर, अल्फाज रब्बानी व अर्शी सिद्दीकी शामिल हैं। मामले के खुलासे के बाद पुलिस भी अलर्ट मोड पर आ गई। सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं।
कैंडल मार्च के लिए अनुमति मांगने के विवाद में परगना मजिस्ट्रेट ने 11 लोगों को मुचलका पाबंद करने के लिए नोटिस जारी किए हैं। पुलिस ने भी संवेदनशील इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस की ओर से अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। परगना मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत चालानी रिपोर्ट में कोतवाली पुलिस ने कहा है कि इजराइल और गाजा विवाद में फिलिस्तीन के पक्ष में कैंडल मार्च निकालने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी गई। अंतरराष्ट्रीय विवाद होने के कारण इस मुद्दे का स्थानीय स्तर पर कोई संबंध नहीं है। मार्च का धार्मिक आधार होने के कारण शांति भंग की संभावना बनी हुई है। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए परगना मजिस्ट्रेट ने 11 लोगों के खिलाफ नोटिस जारी किए हैं।