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Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
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बागेश्वर: कहने को उत्तराखंड छोटा राज्य है, लेकिन देश को जांबाज सपूत देने के मामले में इस राज्य का कोई मुकाबला नहीं। यहां के होनहार युवा सेना में अहम पदों पर सेवाएं दे रहे हैं।
बागेश्वर के होनहार विमल पांडेय भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने अपनी काबिलियत के दम पर भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) में में ऑल इंडिया लेवल पर टॉप 10 रैंक हासिल की है। विमल का चयन भारतीय सेना की संयुक्त रक्षा सेवा (सीडीएस) में हो गया है। सबसे खास बात यह है कि विमल ने इंडियन नेवल अकादमी में देश में पहली रैंक प्राप्त की है। इसके अलावा इंडियन मिलिट्री अकादमी में देश में सातवीं रैंक हासिल की है। विमल मूलरूप से बागेश्वर के रहने वाले हैं। वर्तमान में उनका परिवार राज्य के नैनीताल जिले के हल्द्वानी तहसील क्षेत्र के ऊंचापुल में रहता है। पिता महेश चंद्र पांडेय जहां मल्टीनेशनल कंपनी के सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं, वहीं उनकी मां रेनू पांडेय एक कुशल गृहणी हैं।
विमल की प्राथमिक शिक्षा हल्द्वानी के व्हाइट हॉल स्कूल से हुई है। जिसके उपरांत उन्होंने सैनिक स्कूल घोड़ाखाल से बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की। विमल ने इसी साल पंतनगर विश्वविद्यालय से बीटेक की डिग्री हासिल की है। वर्तमान में वह कानपुर आईआईटी से एमटेक की पढ़ाई कर रहे हैं। विमल हमेशा से सेना में जाना चाहते थे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने सीडीएस परीक्षा की तैयारी भी शुरू कर दी और अपनी काबिलियत, कड़ी मेहनत एवं लगन के बलबूते पहले ही प्रयास में सीडीएस परीक्षा पास करने में सफल रहे। विमल की इस अभूतपूर्व उपलब्धि से जहां उनके परिवार में हर्षोल्लास का माहौल है, वहीं उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। राज्य समीक्षा टीम की ओर से विमल और उनके परिवार को शुभकामनाएं। हम उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।