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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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पिथौरागढ़: बहुत बहुत बधाई। संसाधनों की कमी के बावजूद उत्तराखंड की होनहार बेटियां खेलों की दुनिया में खूब नाम कमा रही हैं।
पिथौरागढ़ के बड़ालू गांव की रहने वाली निकिता चंद ऐसी ही होनहार बेटियों में से एक हैं। बकरी पालक पिता की इस होनहार बिटिया ने महज 8 साल की उम्र में ही मुक्केबाजी को अपना लक्ष्य बना लिया था, और गांव से निकलकर एशियन चैंपियनशिप तक का सफर तय किया। मूनाकोट के बड़ालू गांव में किसान परिवार में जन्मी निकिता चंद का परिवार आज भी गरीबी में जीवन जीता है। पिता सुरेश चंद खेती-बाड़ी और बकरी पालन कर परिवार का पेट भर रहे... जब गाँव के प्रधान डीडी जोशी जोशी ने निकिता चंद की इस सफलता के बारे मे पिता सुरेश चंद को बताया तो वो भावुक हो गये निकिता की इस सफलता पर समूचे पिथौरागढ वड्डा क्षेत्र और बडालू मे खुशी की लहर है सभी लोग निकिता चन्द की सफलता पर घर जाकर खुशी बाॅट रहे है। शाबाश बिटिया ऐसे ही समूचे पिथौरागढ और उत्तराखंड को गौरवान्वित करते रहो