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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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अल्मोड़ा: कैप्टन कूल के नाम से मशहूर भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपने परिवार संग उत्तराखंड आए हुए हैं।
दुनियाभर के खेल प्रेमियों के दिलों पर राज करने वाले धोनी का मूल गांव उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के जैंती तहसील में है। धोनी के उत्तराखंड प्रवास पर आने के बाद माना जा रहा था कि वे अपने पैतृक गांव ल्वाली भी जाएंगे और ऐसा ही हुआ भी। हालांकि धोनी जब गांव पहुंचे तो उन्हें गांव की हालत देख थोड़ी निराशा हुई। ल्वाली गांव के ज्यादातर लोग पलायन कर गए हैं, नहर भी सूख गई है, लेकिन इस नहर को देखकर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पुरानी यादें ताजा हो गईं।
उन्होंने ग्रामीणों से पूछा कि क्या अब इसमें पानी नहीं आता। दो दशक पहले जब धोनी गांव आए थे, तब नहर में खूब पानी हुआ करता था, लेकिन बीते छह साल से नहर सूखी हुई है। इससे खेती प्रभावित हो रही है, लोग पलायन कर गए हैं। जो लोग गांव में बचे हैं वो भी काश्तकारी पर ही निर्भर हैं। बता दें कि कुमाऊं भ्रमण पर आए माही अपने परिवार संग अल्मोड़ा-देवीधुरा मार्ग पर शहरफाटक क्षेत्र के नाटाडोल गांव के कॉटेज में ठहरे। वो पहाड़ों में घूमने का आनंद ले रहे हैं, साथ ही मंदिर में पूजा-अर्चना भी की। बुधवार को माही पत्नी साक्षी व बेटी संग अपने पैतृक गांव ल्वाली (जैंती) पहुंचे थे। गुरुवार सुबह उन्होंने गुनगुनी धूप के बीच हिमालय की चोटियों का दीदार किया। माही के अल्मोड़ा आने से उनके गांववासी बेहद खुश हैं।