जब तक चालान का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब वाहन ब्लैक लिस्ट में रहेगा। इस दौरान वाहन का टैक्स जमा करने समेत अन्य काम नहीं हो पाएंगे।
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कोमल नेगी
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Image: Online challan for breaking traffic rules in Uttarakhand
देहरादून: ट्रैफिक रूल्स हमारी सुरक्षा के लिए हैं, लेकिन लोग आज भी इनका पालन करने से बचते हैं।
Online challan for breaking traffic rules in Uttarakhand
उत्तराखंड में ट्रैफिक रूल्स तोड़ने वालों को सबक सिखाने के लिए ऑनलाइन चालान काटे जा रहे हैं। इंटरसेप्टर, स्पीड रडार गन और एएनपीआर कैमरों की मदद से करीब 25 फीसदी चालान किए जा रहे हैं। चालान का मैसेज गाड़ी मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, लेकिन अब ऑनलाइन चालान के बाद वाहन स्वामी को नोटिस भी भेजा जाएगा। नोटिस डाक के माध्यम से वाहन स्वामी के घर के पते पर भेजा जाएगा। प्रदेश में ओवर स्पीड, बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वालों और ट्रिपल राइडिंग करने वालों के चालान हो रहे हैं। आगे पढ़िए
चालान का मैसेज गाड़ी मालिक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है, लेकिन कई वाहन स्वामियों के नंबर अपडेट नहीं हैं, इसलिए अब चालान के बाद वाहन स्वामी के घर के पते पर नोटिस भी भेजा जाएगा। ये जानकारी आरटीओ प्रवर्तन शैलेश तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन चालान के साथ वाहन स्वामी के घर पर डाक के जरिए भी नोटिस भेजा जाएगा। जब तक चालान का भुगतान नहीं किया जाएगा, तब वाहन काली सूची में रहेगा। इस दौरान वाहन का टैक्स जमा करने समेत अन्य काम नहीं हो पाएंगे। किसी को वाहन बेचा भी नहीं जा सकता है। हर महीने 25 फीसदी चालान इंटरसेप्टर, स्पीड रडार गन और एएनपीआर कैमरों की मदद से हो रहे हैं, लेकिन जिन लोगों के नंबर बंद हो गए हैं, या जिन्होंने नया नंबर अपडेट कराया है, उन्हें चालान नहीं मिल रहे। इसलिए अब ऑनलाइन चालान के बाद वाहन स्वामी के घर के पते पर नोटिस भी भेजा जाएगा।