Advertisement
जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में देहरादून के काबुल हाउस को प्रशासन ने 40 साल के इंतजार के बाद अपने कब्जे में ले लिया।
बता दें कि ईसी रोड स्थित काबुल हाउस की संपत्ति करीब 400 करोड़ रुपये की बताई जाती है। शनिवार को यहां अवैध रूप से बने 15 भवनों को ध्वस्त कर दिया गया। जिलाधिकारी सोनिका की कोर्ट ने 17 अक्टूबर को हाउस खाली करने के आदेश दिए थे। कब्जेदारों को भवन खाली करने को कहा गया था। 2 नवंबर को प्रशासन ने जबरन काबुल हाउस खाली कराया, साथ ही संपत्ति को सील कर दिया था। बाद में हाईकोर्ट ने यहां रहने वाले लोगों को एक दिसंबर तक की मोहलत दी थी। आगे पढ़िए
हालांकि उससे पहले ही काबुल हाउस को खाली कर दिया गया था। शनिवार को प्रशासन की टीम ने यहां 15 आवास को ध्वस्त कर दिया। अब यह संपत्ति सरकार की है। इसका संबंध काबुल के शाही परिवार के सदस्य याकूब खान से है। काबुल हाउस के मालिक याकूब खान की मृत्यु वर्ष 1921 में हो गई थी। साल 1947 में याकूब खान के वंशजों ने भारत छोड़ दिया था। इसके बाद सहारनपुर निवासी मो. शाहिद ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उक्त संपत्ति पर कब्जा करने के साथ ही अन्य व्यक्तियों के नाम 30 रजिस्ट्री भी करा दी थी। इसी के आधार पर यहां 15 से 17 लोग अवैध रूप से काबिज हो गए थे, लेकिन 40 साल बाद ये संपत्ति अब एक बार फिर सरकार के कब्जे में आ गई है।