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ये ट्रेक्स गूगल मैप पर भी नहीं मिलेंगे! केदार हिमालय के छुपे हुए रास्ते
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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जब मरीजों की जान पर बन आती है तो उन्हें 108 एंबुलेंस पर भी भरोसा होता है, लेकिन बागेश्वर में 108 एंबुलेंस के ड्राइवर और एक अन्य कर्मी ने खून की उल्टी कर रहे मरीज के साथ ऐसी हरकत की, जिससे उसकी जान पर बनी आई। एक न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक आरोप है कि एंबुलेंस का ड्राइवर और स्वास्थ्यकर्मी बीच रास्ते शराब पीने लगे। बाद में ड्राइवर ने नशे में एंबुलेंस को एक दीवार से भिड़ा दिया। दूसरा कर्मचारी भी नशे में धुत होकर एंबुलेंस में ही सो गया। इन दोनों ने खून की उल्टी कर रहे मरीज को सड़क पर छोड़ दिया। बाद में दूसरे लोगों की मदद से मरीज को दूसरी एंबुलेंस से अल्मोड़ा भेजा गया। मामले में दोनों कर्मियों को विभाग ने हटा दिया है। जानकारी के मुताबिक बुधवार रात बिलौना निवासी राम प्रसाद की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें खून की उल्टियां होने लगी। आगे पढ़िए
जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीज को अल्मोड़ा के लिए रेफर कर दिया। रात 10 बजे एंबुलेंस मरीज को लेकर रवाना हुई। इस दौरान पौड़ीधार के पास पहुंचकर हरीश उप्रेती और ईएमटी चंद्रशेखर जोशी ने शराब पी और एंबुलेंस में आकर सो गए। इन्होंने मरीज को सड़क पर छोड़ दिया। इस हरकत से मरीज और तीमारदार परेशान हो गए। काफी देर तक दोनों कर्मचारियों को उठाने के बाद उन्होंने इसकी शिकायत सीएमएस, डीएम समेत बीजेपी जिलाध्यक्ष इंद्र सिंह फर्स्वाण से की। इसके बाद बीजेपी नेता रवि करायत और अन्य लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सीएमओ से बात कर दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था करवाई। कुछ देर बाद दूसरी एंबुलेंस से मरीज को अल्मोड़ा भेजा गया। रवि करायत ने बताया कि अल्मोड़ा में उपचार के बाद मरीज की हालत में सुधार है। वहीं, मामले का संज्ञान लेते हुए सीएमओ ने Bageshwar 108 ambulance के ड्राइवर समेत दोनों कर्मचारियों को नौकरी से हटा दिया है।