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हजारों वर्षों से जलती अखंड ज्योति के सामने सात फेरे - आस्था, परंपरा और प्रकृति का अनोखा संगम
पहाड़, मंत्र और देवभूमि का आशीर्वाद.. त्रियुगीनारायण में शादी सिर्फ एक समारोह नहीं, आध्यात्मिक अनुभव है।
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: उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में बच्चियों के बाल विवाह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
इस बार मामला अल्मोड़ा के धौलछीना थाना क्षेत्र का है। यहां एक महिला पर नाबालिग बेटी का बाल विवाह कराने का आरोप लगा है। महिला के खिलाफ उसके पति ने केस दर्ज कराया है। महिला पर आरोप है कि उसने नाबालिग बेटी का हल्द्वानी में विवाह करा दिया। मामले की भनक पति को भी नहीं लगने दी। नाबालिग के विवाह की जानकारी होने पर पिता ने पुलिस में तहरीर सौंपी। मामले में मां के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ है। दूल्हे को हिरासत में लिया गया है।
नाबालिग बच्ची 15 साल की है। बच्ची के पिता ने बताया कि उसकी पत्नी 10 साल पहले घर से गायब हो गई थी। कुछ समय पहले सास के निधन पर वह घर लौटी और पिता के साथ रह रहे चार बच्चों को लेकर गांव के घर में अलग रहने लगी। आरोप है कि बीती 12 जनवरी को उसने 10 वीं में पढ़ने वाली 15 वर्षीय नाबालिग बेटी की शादी हल्द्वानी में कर दी। बच्ची के पिता को भी इस बात की भनक नहीं लगने दी। बेटी ने पिता को फोन पर कर जानकारी दी तब उन्हें पता चला। पिता ने आरोप लगाया कि मां ने बच्चों का स्कूल भी छुड़ा दिया। शिकायत मिलने पर पुलिस ने दूल्हे को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि आरोपी मां की भी जल्द गिरफ्तारी होगी। पिता की तहरीर पर मां और दूल्हे के खिलाफ बाल विवाह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।