रुद्रप्रयाग जिले में पिछले 8 साल में 7 लोग गुलदार के हमले में जान गंवा चुके हैं।
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कोमल नेगी
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Image: Guldaar Attack Five Year Old Child In Rudraprayag
रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में बाघ-गुलदार के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। रुद्रप्रयाग में गुलदार ने पांच साल के मासूम पर हमला कर दिया।
Guldaar Attack Five Year Old Child In Rudraprayag
हमले में बच्चे की जान बाल-बाल बची, हालांकि उसके सिर, पैर और हाथ पर गहरे जख्म आए हैं। बच्चे को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उत्तराखंड में गुलदार अब गांवों में दाखिल होकर लोगों पर हमला कर रहे हैं। जंगली जानवरों की दहशत के चलते बच्चे स्कूल नहीं जा पाते। शाम होने से पहले ही बाजारों में सन्नाटा पसर जाता है। इस बार रुद्रप्रयाग के खलिया गांव में गुलदार का आतंक देखने को मिला। गुलदार ने पांच वर्षीय बच्चे पर हमला कर दिया। बच्चे के सिर, पैर और हाथ पर गहरे जख्म हैं। रुद्रप्रयाग के दूसरे क्षेत्रों में भी गुलदार के हमले की घटनाएं सामने आई हैं।
जिले में गुलदार के हमले के आंकड़ों की बात करें तो यहां 8 साल में सात लोगों ने अपनी जान गंवाई है। गुलदार ने वर्ष 2015 से 2023 तक सात लोगों को अपना निवाला बनाया। वर्ष 2015 में पूलन मल्ला में गुलदार ने एक-एक व्यक्ति को अपना निवाला बनाया था, जबकि वर्ष 2020 में बांसी, पपडासू व धारी गांव में भी गुलदार ने लोगों की जान ले ली। इसके अलावा 2021 में सिल्ला बमणगांव, 2022 में बस्टा व 2023 में गहडखाल में घटना हुई है। पूरे प्रदेश की बात करें तो प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष में पिछले वर्ष 2023 में 40 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से 13 लोगों की जान गुलदार ने ली है। वर्ष 2000 से अब तक गुलदार के हमले में 514 लोगों की जान गई है, जबकि 1868 लोग घायल हुए हैं।