अन्य राज्यों के लिए नजीर बनेगा उत्तराखंड, सोशल मीडिया पर ट्रेंड हुए CM धामी की X पर वाहवाही। पढ़िए...
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Image: trending in x UCCinUttarakhand CM Dhami praised
देहरादून: विशेषज्ञ समिति, सामान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सौंप चुकी है। CM धामी ने खुद इसकी जानकारी देते हुए बताया समिति के ड्राफ्ट के कानूनी रूप लेने के बाद इससे प्रदेश की आधी आबादी सीधे लाभान्वित होगी।
#UCCInUttarakhand
UCC Uttarakhand में लागू करने के उद्देव्श्य से सरकार ने जब समिति का गठन किया था उस समय भी यह कहा गया था कि यह समिति महिला अधिकारों को तवज्जो देगी। राज्य निर्माण आंदोलन में भी महिलाएं अग्रिम पंक्ति में खड़ी रही। सभी धर्मों में विवाह के लिए लड़की की उम्र 18 वर्ष, विवाह का पंजीकरण नहीं तो सरकारी सुविधाओं का लाभ भी नहीं, पति-पत्नी को संबंध विच्छेद में समान अधिकार, लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य, उत्तराधिकार में लड़कियों को समान अधिकार, नौकरी करने वाले बेटे की मृत्यु पर पत्नी को मिलने वाले मुआवजे में वृद्ध माता-पिता के भरण पोषण की जिम्मेदारी जैसे कई बिंदु इसमें ऐसे हैं जो महिलाओं के जीवन को बदल देंगे।
देश में समान नागरिक संहिता को लेकर छिड़ी बहस के बीच उत्तराखंड ने यूसीसी लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। उत्तराखंड सरकार की गठित विशेषज्ञ समिति द्वारा यूसीसी का मसौदा प्राप्त होते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी दिल्ली पहुंचे। उत्तराखंड सदन में पत्रकारों से बातचीत में भाजपा के 2022 में हुए उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में किये वादे को याद दिलाया कि भाजपा की सरकार दोबारा बनने पर यूसीसी लागू करेगी। CM धामी ने कहा कि हम इसी वादे को पूरा कर रहे हैं, यह किसी को निशाना बनाने के लिए तैयार नहीं किया जा रहा है, बल्कि ये समान रूप से सभी वर्गों के लोगों के सशक्तीकरण के लिए है। उत्तराखंड शासन की सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी मुख्य सचिव राधा रतूड़ी हैंऔर अब उत्तराखंड हाई कोर्ट की चीफ जस्टिस पद पर हरियाणा हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति ऋतु बाहरी को राष्ट्रपति द्वारा नियुक्त किया गया है। महिला सशक्तीकरण के क्रम में ये देव भूमि उत्तराखंड में सौभाग्य की बात हो सकती है कि देश में सबसे पहले समान नागरिक संहिता को लागू करने वाला उत्तराखंड राज्य होने जा रहा है।