''फ़िल्म नीति 2024'' में और भी कई बातें हैं जो राज्य में फिल्म उद्योग और फिल्म निर्माण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य रखी गयी हैं। पढ़िए...
Advertisement
Cheapest Chardham Yatra 2026 Package? The Price Will Shock You!
Planning Chardham in 2026? These 5 Packages Are Getting Booked Fast
Example Ads Media
Image: Details of Uttarakhand Film Policy-2024
देहरादून: CM धामी की कैबिनेट ने उत्तराखण्ड फिल्म नीति-2024 को मंजूरी दी है। राज्य में रोज़गार और उत्तराखंड में रोज़गार सृजन को प्रमुखता देते हुए नयी ''फ़िल्म नीति 2024'' का निर्माण किया गया है। फ़िल्म नीति में टैलेंट, टेक्नोलॉजी और ट्रेनिंग इन तीनों पक्षों को ध्यान रखा गया है। स्थानीय कलाकारों/ टेक्नीशियन्स को फ़िल्म निर्माण को लेकर प्रोत्साहित करने की बात की गयी है। बाहरी फ़िल्म निर्माताओं के साथ साथ स्थानीय फिल्म निर्माताओं और टेक्नीशियन्स को भी विशेष मौके देने की बात है।
फ़िल्म नीति 2024 के मुख्य बिंदु
-हिन्दी और संविधान की 8 वीं अनुसूची में शामिल भाषाओं की फ़िल्मों की सब्सिडी को डेढ़ करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ तक (राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 30 फीसद)।
-क्षेत्रीय (गढ़वाली/कुमाऊंनी) फिल्मों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी की अधिकतम सीमा में 8 गुना बढ़ोतरी। 25 लाख से बढ़ा कर 2 करोड़ ।
-राज्य में शूट होने वाली बाल फ़िल्मों को अतिरिक्त 10 फीसद तक की अनुदान।
-विदेशी फिल्मों और 50 करोड़ से अधिक बजट की फिल्मों पर राज्य में व्यय राशि का अधिकतम 30 फीसद या 3 करोड़ तक की सब्सिडी।
-ओटीटी प्टेलफ़ॉर्म्स को भी मान्यता अब राज्य में शूट होने वाली वेब सीरीज (न्यूनतम 5 एपिसोड - 30 मिनट प्रत्येक एपिसोड), टीवी सीरियल्स (-न्यूनतम 20 एपिसोड 22 मिनट प्रत्येक एपिसोड) को भी फिल्मों की भांति सब्सिडी मिलेगी।आगे पढ़िए...
-डाक्यूमेंट्री, लघु (शॉर्ट) फ़िल्म, ट्रैवलॉग, ब्लॉग, म्यूजिक वीडियोज़ को भी सब्सिडी प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
-पर्वतीय क्षेत्रों में नयी शूटिंग लोकशंस को बढ़ावा देने पर अतिरिक्त अनुदान 05 फीसद। पर्यटन विभाग की सलाह पर लोकेशंस को चयनित किया जाएगा।
-फ़िल्म विकास परिषद का गठन में 15 सरकारी-गैर सरकारी सदस्य होंगे। अध्यक्ष मुख्यमंत्री होंगे।
-फिल्मों के मुख्य रूप से राज्य के स्थानीय कलाकार, टेक्नीशियन्स को शामिल किए जाने पर अनुदान के रूप अधिकतम 10 लाख तक की प्रोत्साहन राशि।
- राज्य के प्रतिभावान छात्रों को फ़िल्म संस्थान पुणे, एसआरएफटीआई कोलकाता या अन्य फिल्म मन्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों छात्रवृत्ति दी जाएगी। पाठ्यक्रम पर हुए व्यय का एसटी/एससी ओबीसी को 75 फीसद सामान्य अभ्यर्थियों को 50 फीसद तक की छात्रवृत्ति।
- फिल्म निर्माण में रूचि दिखाने वाले निर्माता निर्देशकों को और उत्तराखंड की बोलियों में बनने वाली फिल्मों और कलाकारों को प्रोत्साहन/सम्मान/पुरस्कार।
- निवेश की दृष्टि और राज्य में नयी फिल्म सिटी का निर्माण के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। आगे पढ़िए..
- राज्य में फिल्म पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए र नये फिल्म एवं कंटेंट प्रशिक्षण संस्थानों की स्थापना और अधिकतम 25 फीसद तक या 50 लाख तक के अधिकतम अनुदान की व्यवस्था।
- नए पोस्ट प्रोडक्शन स्टूडियोज़, नये मोबाइल थिएटर, नये मल्टीप्लेक्स एवं नये सिनेमाघरों की अवस्थापना में अधिकतम 25 फीसद तक या 25 लाख तक के अधिकतम अनुदान।
- राज्य में फिल्म कल्चर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से फ़िल्म सोसाइटीज़ को प्रोत्साहन/अनुदान (अधिकतम 5 लाख)।
- राज्य में फिल्म संस्कृति और फिल्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए ब्रांड एंबेसडर का चयन।
-लाइन प्रोड्यूसर्स का पंजीकरण। पंजीकृत लाइन प्रोड्यूसर्स की मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 2 लाख की सहयोग राशि।