यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप के लिए कड़े नियम, युगल को कराना होगा रजिस्ट्रेशन

लिव इन रिलेशनशिप में रह रहे युगल ने रजिस्ट्रेशन नहीं कराया तो छह महीने का कारावास और 25 हजार का अर्थदंड या दोनों हो सकते हैं।
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UCC live in relationship rules: Strict Rules Issued Regarding Live In Relationship In UC
Image: Strict Rules Issued Regarding Live In Relationship In UC

देहरादून: दशकों से देश में एक समान कानून बनाए जाने की चर्चाएं होती रही हैं। पहाड़ी राज्य उत्तराखंड ने इस दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।

Strict Rules Issued Regarding Live In Relationship In UC

मंगलवार को उत्तराखंड विधानसभा सत्र के दूसरे दिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पटल पर रखा। यूसीसी के ड्राफ्ट को लेकर जिस तरह की जानकारियां सामने आई हैं, उसके अनुसार यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसके मुताबिक, सिर्फ एक व्यस्क पुरुष व वयस्क महिला ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे। वे पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप या प्रोहिबिटेड डिग्रीस ऑफ रिलेशनशिप में नहीं होने चाहिए।

प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप का वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन न कराने पर युगल को छह महीने का कारावास और 25 हजार का दंड या दोनों हो सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के तौर पर जो रसीद युगल को मिलेगी उसी के आधार पर उन्हें किराए पर घर, हॉस्टल या पीजी मिल सकेगा। लिव-इन के दौरान पैदा हुए बच्चों को उस युगल का जायज बच्चा ही माना जाएगा और उस बच्चे को जैविक संतान के समस्त अधिकार प्राप्त होंगे। बता दें कि उत्तराखंड में लागू होने वाले यूसीसी के फैसले पर देश और दुनिया की निगाह है। करीब ढाई लाख सुझावों और 30 बैठकों में रायशुमारी के बाद ड्राफ्ट तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा चुनाव के दौरान चुनाव दृष्टिपत्र जारी होने के बाद राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की घोषणा की थी।

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