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श्रीनगर गढ़वाल: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार के आतंक के चलते कर्फ्यू जैसे हालात बने हुए हैं। यहां तीन फरवरी को गुलदार ने दो बच्चों को अपना निवाला बना लिया।
हालात ये हो गए हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में स्कूल बंद करने पड़ गए हैं। गुलदार के बढ़ते आतंक को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक वन्य जीव डॉ. समीर सिन्हा ने आदमखोर गुलदार को मारने के आदेश दिए हैं। प्रभागीय वनाधिकारी को दिए आदेश में कहा गया कि विशेष रूप से छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए चिह्नित गुलदार को अंतिम विकल्प के रूप में मारने के आदेश दिए गए हैं। गुलदार के हमले को लेकर डीएफओ ने प्रमुख वन संरक्षक को रिपोर्ट भेजी थी, जिसमे बताया गया कि दो बच्चों को मारने वाला गुलदार अब भी घटनास्थल के पास दिखाई दे रहा है। गुलदार को न तो पकड़ा जा सका है और न ही उसे ट्रैक्युलाइज किया जा सका है। गुलदार मानव जीवन के लिए खतरा हो गया है।
प्रमुख वन संरक्षक की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि जन सुरक्षा को देखते हुए गुलदार को पिंजरा लगाकर पकड़ने या ट्रैंक्युलाइज करने के सभी प्रयास किए जाएं। अगर इसके बाद भी पकड़ में नहीं आए तो गुलदार को मार दिया जाए। यह आदेश केवल चिह्नित गुलदार के लिए प्रभावी होगा। गुलदार को मारने की यह आज्ञा एक महीने तक वैध रहेगी, जो इस अवधि के बाद खुद समाप्त हो जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया कि क्षेत्र में ट्रैप कैमरा और पीआईपी के माध्यम से गुलदार की उपस्थिति की निगरानी की जाए। ड्रोन से भी क्षेत्र में निगरानी की जाए। बता दें कि गुलदार ग्राम ग्वाड़ और ग्लास हाउस श्रीनगर में पिछले दो दिन में दो बच्चों को मार चुका है। तीन फरवरी को गुलदार ने ग्राम ग्वाड़ पोस्ट खिर्सू निवासी 11 साल के अंकित को मार दिया था। जबकि चार फरवरी को ग्लास हाउस रोड़ निवासी चार साल के अयान अंसारी को गुलदार घर के आंगन से उठा ले गया। बच्चे का शव घर से 20 मीटर दूर झाड़ियों से बरामद किया गया था।