पहाड़ की दो सगी बहनों ने उत्तीर्ण की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा, रखा मां के संघर्ष का मान

मां ने कताई-बुनाई कर, लिफाफे बेच कर और मांगल गीत गाकर बेटियों को पढ़ाया तो सगी बहनों ने भी मां के संघर्ष का मान रखा, एक साथ उत्तीर्ण की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा. शिशु मंदिर में आचार्य हैं पिता।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Archana Pandey Vineeta Pandey: Story of Archana Pandey and Vineeta Pandey of Pithoragarh
Image: Story of Archana Pandey and Vineeta Pandey of Pithoragarh

पिथौरागढ़: अर्चना और विनीता के पिता द्वारिका प्रसाद पांडेय सरस्वती शिशु मंदिर नया बाजार में पिछले 30 वर्ष से आचार्य हैं। पत्नी भागीरथी कताई-बुनाई करती हैं, अख़बार के लिफाफे बनाती हैं और शुभ कार्यों में मंगल गीत गाती हैं।

UKPSC Results: Archana Pandey and Vineeta Pandey

सगुन में मिली भेंट से परिवार का गुजारा किया, पति का साथ दिया और बच्चों की पढ़ाई में कोई कमी नहीं आने दी। पति-पत्नी ने दोनों बेटियों को सरस्वती बालिका इंटर कालेज से पढ़ाया। अब कुछ दिन पहले UKPSC की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा के परिणाम आये तो मां-पिता का ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा, दोनों बेटियों अर्चना पांडेय और विनीता पांडेय UKPSC की जूनियर असिस्टेंट परीक्षा में सफलता अर्जित की। मूल रूप से उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के पाभै गांव की अर्चना पांडेय और विनीता पांडेय का चयन राज्य कर विभाग में जूनियर सहायक पद पर हो गया है। दोनों बहने इससे पहले वन आरक्षी परीक्षा में भी चयनित हुई हैं‌। अर्चना और विनिता की इस कामयाबी से आज उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। आगे पढ़िए..

20 सालों से पिथौरागढ़ जिले के भदेलबाड़ा में किराये पर रह रहे द्वारिका प्रसाद पांडेय और भागीरथी पांडेय की दो बेटियां और एक बेटा है। शिशु मंदिर में आचार्य द्वारिका प्रसाद कहते हैं कि उनको मिलने वाले वेतन से परिवार का गुजारा करना काफी मुश्किल होता था, ऐसे में उनकी पत्नी भागीरथी देवी ने पुराने अखबारों के लिफाफे बनाने शुरू किए, जिससे परिवार की आमदनी में इजाफा हुआ। इसके साथ ही मां भागीरथी पांडेय ने कताई बुनाई और शादी में मांगल गीत गाकर भी थोडा बहुत पैसा इकठ्ठा किया। वो कहते हैं ना की कभी-कभी तिनके का सहर भी बहुत होता है। इंटरमीडिएट करने के बाद बड़ी बेटी अर्चना ने एमएससी के बाद बीएड किया तो छोटी बेटी विनीता ने बीएससी के बाद अंग्रेजी से एमए किया। बेटा बैंक की तैयारी कर रहा है। दोनों बेटियों का जूनियर असिस्टेंट के पद पर चयन होने के बाद आचार्य द्वारिका प्रसाद एवं पत्नी भागीरथी की आँखें संघर्ष के दिनों को याद कर भीग जाती हैं। उन्होंने बताया कि उनकी दोनों बेटियों ने बिना किसी कोचिंग के यह उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने बेटियों की इस अभूतपूर्व उपलब्धि का श्रेय अपनी पत्नी भागीरथी देवी को दिया है। पांडेय कहते हैं कि उनकी पत्नी के संघर्ष के बिना उनकी बेटियों का सफल होना संभव नहीं था। राज्य समीक्षा की और से दोनों बहनों को शुभकामनाएं, पिता को बधाई और मां को सलाम।