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Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
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देहरादून: प्रदेश सरकार लोगों से पलायन न करने की अपील कर रही है, लेकिन जिन गांवों में बच्चे ही सुरक्षित न हों, वहां भला कोई क्यों रहना चाहेगा।
बीते दिनों श्रीनगर में गुलदार के हमले में 2 बच्चों की जान चली गई, इस बार देहरादून में एक ऐसी ही घटना देखने को मिली है। यहां किमाड़ी के पास मसूरी-किमाड़ी मार्ग पर वन गुर्जर बस्ती में खेल रहे 10 साल के बच्चे को गुलदार ने निवाला बना लिया। परिजनों ने बच्चे को गुलदार के मुंह से छीना लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। घटना के बाद मौके पर वन विभाग और पुलिस की टीमें पहुंच चुकी हैं। गुलदार को पकड़ने के लिए कांबिंग की जा रही है। घटना रविवार करीब साढ़े आठ बजे की है।
किमाड़ी मार्ग पर गल्जवाड़ी गांव से करीब दो किलोमीटर नीचे की तरफ वन क्षेत्र में बड़ी वन गुर्जर बस्ती है। यहां पर गुर्जरों के करीब 10-12 डेरे हैं। बीती रात दस साल का रियासत नाम का बच्चा शौच के लिए अपने डेरे से बाहर आया था। इसी बीच गुलदार उसे उठाकर ले जाने लगा। बच्चे की चीख सुनकर डेरों में मौजूद लोग गुलदार की और दौड़े और बच्चे को गुलदार के जबड़ों से छुड़ा लिया, लेकिन तब तक रियासत की सांसें थम गई थीं। बच्चे की गर्दन पर बड़ा घाव था। बता दें कि बीते माह जनवरी में राजपुर रोड स्थित सिंगली गांव में भी गुलदार एक बच्चे को उठाकर ले गया था। शहर से सटे इलाकों में दो माह के भीतर गुलदार के हमले की यह तीसरी घटना है।