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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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देहरादून: उत्तराखंड में बाघ-गुलदार लोगों के लिए काल बने हुए हैं। बीते दिन देहरादून में गुलदार के हमले में 10 साल के बच्चे की जान चली गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस तरह की घटनाओं पर चिंता जताई है। उन्होंने प्रदेश में बाघ और तेंदुओं के हमले की बढ़ती घटनाओं पर वन अधिकारियों को तलब किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई। मुख्यमंत्री ने चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन समीर सिन्हा को ताकीद किया कि वे फील्ड में जाकर हालात पर नजर रखें और सख्त कार्रवाई करें। साथ ही वन अधिकारियों के विदेश दौरों पर रोक के आदेश भी दिए। मुख्यमंत्री ने बाघ-गुलदार के बढ़ते हमलों को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने विधानसभा में स्थित अपने कार्यालय में ही विभागीय अधिकारियों को तलब किया।
इस दौरान प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु, प्रमुख वन संरक्षक हॉफ अनूप मलिक और चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन समीर सिन्हा ने गुलदार के हमले की हालिया घटना की जानकारी मुख्यमंत्री को दी। सीएम ने ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रमुख वन संरक्षक आरके सुधांशु को दैनिक रूप से मामलों की मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन को भी खुद फील्ड में जाने को कहा। मुख्यमंत्री ने वन अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही प्रशिक्षित क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी) को तत्काल फील्ड में भेजने के निर्देश दिए। सीएम धामी ने कहा कि मानव वन्यजीव संघर्ष के लिए वन विभाग अलर्ट मोड पर काम करे। किसी भी दशा में जनहानि नहीं होनी चाहिए। इसके लिए जो भी जरूरी कदम हैं, उठाए जाएं और लोगों को जागरूक किया जाए।