पहले पति को खोया फिर मां और भाई की बीमारी ने तोड़ा, लेकिन सोनी बिष्ट ने हिम्मत नहीं हारी। अब वो लेफ्टिनेंट बनने जा रही हैं।
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कोमल नेगी
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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Image: After the death of husband life took many tests now she will become an officer
हल्द्वानी: पहाड़ी की बेटियां चुनौतियों पर जीत हासिल करने का हुनर खूब जानती हैं। आज हम आपको एक ऐसी ही बिटिया के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसने जीवन में तमाम दुख देखे, लेकिन खुद को टूटने नहीं दिया।
Soni Bisht Will Become lieutenant
आज ये बेटी सेना में लेफ्टिनेंट बनने जा रही है। हम बात कर रहे हैं वीरांगना सोनी बिष्ट की। जो कि नैनीताल के हल्द्वानी की रहने वाली हैं। सोनी ने सर्विस सिलेक्शन बोर्ड का इंटरव्यू क्लीयर किया है, जिसके बाद उनका सेलेक्शन ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकेडमी में हुआ है। सोनी की जिंदगी उतार-चढ़ाव से भरी रही है। दिसंबर 2022 में सोनी के पति नीरज सिंह भंडारी, जो कि सेना में थे, उनका एक एक्सीडेंट में निधन हो गया। सोनी पति को खोने के बाद सदमे में थीं, तभी उनकी मां को हार्ट अटैक आ गया। इसके बाद भी सोनी के दुख कम नहीं हुए। कुछ समय बाद उनके छोटे भाई को भी लकवा मार गया।
सोनी बुरी तरह टूट गईं थीं, लेकिन उनके परिजनों ने सोनी की हिम्मत बढ़ाई। पिता सूबेदार कुंदन सिंह भी बेटी के साथ रहे। पिता के सहयोग से सोनी आर्मी ज्वाइन करने की तैयारी करने लगीं। उनके पति के एक कमांडिंग ऑफिसर ने उन्हें सेना के जवानों की विधवा वाले स्पेशल कोटा से ओटीए चेन्नई में अप्लाई करने को कहा। पिता ने अधिकारियों की टीम के साथ मिलकर ग्रुप टास्क, साइकोलॉजिकल असेसमेंट और फिजिकल ट्रेनिंग करवाई। सोनी को हर तरफ से प्रोत्साहन मिला और कड़ी मेहनत के दम पर वो ओटीए के लिए चुन ली गईं। जल्द ही सोनी की ट्रेनिंग शुरू हो जाएगी, जहां से ये हिम्मती बिटिया लेफ्टिनेंट बनकर देश और समाज की सेवा करेगी। सोनी बताती हैं कि मायके वालों के साथ ही उनके ससुराल के लोगों ने भी उनकी हर संभव मदद की। आज सोनी बिष्ट हर किसी के लिए मिसाल बनकर उभरी हैं और लोगों को कभी हार न मानने की प्रेरणा दे रही हैं।