'नमकवाली' ब्रांड से पिस्यूं लूण को रोजगार का जरिया बनाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी ने सोनी के शार्क टैंक इंडिया कार्यक्रम में शिरकत की।
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कोमल नेगी
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No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..
Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.
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Image: Uttarakhand namakwali participate in shark tank India with pisyu lun
टिहरी गढ़वाल: पहाड़ के पिस्यूं लूंण को देश-दुनिया में पहुंचाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी ने एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है।
Namakwali Pisyu Lun In Shark Tank India
'नमकवाली' ब्रांड से पिस्यूं लूण को रोजगार का जरिया बनाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी ने सोनी के शार्क टैंक इंडिया कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान 'नमकवाली' की पिच सुनकर शार्क टैंक इंडिया के जज बहुत प्रभावित दिखाई दिये। शार्क टैंक इंडिया के सभी जजेज ने 'नमकवाली' के प्रयासों को जमकर सराहा। महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे उनके कामों की भी जमकर तारीफ की। यहां आपको शशि बहुगुणा रतूड़ी के बारे में भी बताते हैं। टिहरी की रहने वाली शशि बहुगुणा छोटी उम्र से ही सामाजिक कार्यों में जुट गई थीं।
उन्होंने न सिर्फ पहाड़ी संस्कृति को सहेजने के लिए काम किया, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी कोशिश की। 'नमकवाली' की शुरुआत कर उन्होंने कई महिलाओं को रोजगार से जोड़ा है। समूह से जुड़ी महिलाएं पहाड़ में मिलने वाला खास नमक तैयार करती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में पिस्यूं लूंण कहा जाता है। समूह से जुड़ी महिलाएं फ्लेवर्ड नमक भी बनाती हैं, जिसमें लहसुन वाला नमक, अदरक वाला नमक, भांग वाला नमक शामिल है। ऑर्गेनिक तरीके से नमक को सिलबट्टे पर पीसा जाता है। नमक को 50 ग्राम, 100 ग्राम, 200 ग्राम के पैकेट्स में पैक कर के ऑनलाइन मार्केटिंग के जरिये देश-दुनिया के कोने कोने में पहुंचाया जाता है।