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देहरादून: उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा के खिलाफ हिमाचल के शिमला जिले में एफआईआर दर्ज की गई है।
उन पर राज्यसभा चुनाव में वोटों की खरीद फरोख्त करने और करोड़ों के लेन देन के आरोप लगे हैं। पूर्व मुख्य सचिव राकेश शर्मा के बेटे चैतन्य शर्मा कांग्रेस के बागी विधायकों में शामिल हैं। अब तक मिली जानकारी के अनुसार हिमाचल में विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग पर एक विधायक और एक विधायक के पिता पर एफआईआर दर्ज की गई है, जिस विधायक के पिता पर FIR दर्ज हुई है, वो उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव भी रह चुके हैं। हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा और गगरेट के बागी विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा पर राज्यसभा चुनाव में वोटों की खरीद फरोख्त करने और करोड़ों के लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं।
मामले में विधायक संजय अवस्थी और विधायक भुवनेश्वर गौड़ ने शिमला के पुलिस थाना बालूगंज में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा और गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा पर राज्यसभा चुनाव में वोटों की खरीद-फरोख्त करने और करोड़ों के लेन-देन के आरोप लगाए गए हैं। गैर कानूनी तरीके से सरकार गिराने, विधायकों के पांच से सात सितारा होटलों में रहने की व्यवस्था करने और हेलीकॉप्टर से बागी विधायकों को ले जाने के आरोप भी लगे हैं। शिकायत में कहा गया कि गगरेट के विधायक चैतन्य शर्मा के पिता राकेश शर्मा उत्तराखंड में उच्च अधिकारी के पद पर रहे हैं और उन्होंने सरकार गिराने के लिए षड्यंत्र रचा है। पुलिस थाना बालूगंज में आरोपियों के खिलाफ 171 सी और ई, 120बी आईपीसी एवं पीसी एक्ट की धारा 7 और 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है।