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90% ट्रेकर्स नहीं जानते केदार हिमालय के ये सीक्रेट रूट्स
प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।
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चमोली: मजोठी, चमोली जिले का एक छोटा सा गांव है, वहीं की रहने वाली है उत्तराखंड की वॉक-रेस चैंपियन मानसी नेगी।
आज हम मानसी को एक सफल एथलीट के रूप में जानते हैं, लेकिन यहां तक पहुंचने का सफर उनके लिए कतई आसान नहीं था। मानसी मूल रूप से चमोली जिले के मझोठी गांव की रहने वाली हैं। उनका जीवन संघर्षों से भरा रहा है। 8 साल पहले मानसी के पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद उनके परिवार की जिम्मेदारी माता शकुंतला देवी पर आ गई। मां शकुंतला देवी ने गांव में ही खेती-मजदूरी कर अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया और आगे बढ़ने का हौसला दिया। उनका संघर्ष रंग लाया और आज मानसी सफलता के नए पायदान चढ़ रही हैं।
चमोली की एथलीट बेटी मानसी नेगी को माँ नन्दा शक्त्ति सम्मान से पुरस्कृत किया गया है। जयपुर में आयोजित माँ नन्दा शक्त्ति सम्मान समारोह 2024 में उन्हें सम्मान दिया गया। आपको बता दें, जयपुर में रविवार 17 मार्च को इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विभिन्न कार्यक्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 11 महिलाओं को माँ नन्दा शक्त्ति सम्मान प्रदान किया गया। ये समारोह जयपुर में राष्ट्रीय उत्तराखंड सभा के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। वॉक-रेस में कई मेडल जीत चुकी मानसी नेगी को राज्य समीक्षा की टीम की ओर से भी ढेर सारी बधाइयां। ऐसे ही आगे बढ़ती रहो।