उत्तराखंड: ननद-भाभी ने एथलेटिक्स में जीते तीन पदक, बढ़ाया प्रदेश का मान

एक ही परिवार के 2 खिलाड़ियों ने 3 पदक जीते, प्रतियोगिता में उत्तराखंड ने दो स्वर्ण सहित कुल छह पदक जीते हैं।
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Jyoti Joshi: sister-in-laws Win three Medals in Athletics
Image: sister-in-laws Win three Medals in Athletics

हल्द्वानी: चंडीगढ़ में हुई ऑल इंडिया सिविल सर्विसेज एथलेटिक्स प्रतियोगिता में व्यायाम शिक्षिका डॉ. ममता जोशी पाठक ने स्वर्ण पदक और वन दरोगा के पद पर कार्यरत ज्योति जोशी ने कांस्य पदक जीतकर प्रदेश का मान बढ़ाया है।

Dr Mamta Joshi Pathak and Jyoti Joshi

प्रदेश की बेटियां अब हर क्षेत्र में तेजी से कदम बढ़ा रही हैं। ऐसा कोई क्षेत्र नहीं जहाँ पर अभी तक बेटियों के कदम न पड़े हों और वे दूसरों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनीं हैं। इन्हीं बेटियों की सफलताओं के कारण आज राज्य अलग-अलग मंच पर गौरवान्वित हो रहा है। इसी क्रम में चंडीगढ़ में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सेवा एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हल्द्वानी की डॉ. ममता जोशी पाठक और ज्योति जोशी ने अपने परिवार को दुगनी खुशियां दे दीं। डॉ. ममता जोशी पाठक ने अपनी लंबी कूद के जरिए धमाल मचाया और 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण और कांस्य पदक जीता तो ननद वन निरीक्षक ज्योति जोशी भी कहाँ पीछे रहने वाली थी।

ज्योति जोशी ने भी 400 मीटर दौड़ में जीतकर अपनी क्षमताओं का परिचय दिया। ममता जोशी पाठक खिलाड़ी के साथ-साथ एथलेटिक्स कोच भी रह चुकी हैं और वर्तमान में आरएआई पवलगढ़ में पीईटी के पद पर कार्यरत हैं। इसी प्रतियोगिता में हल्द्वानी वन प्रभाग में कार्यरत उनकी ननद, वन निरीक्षक, ज्योति जोशी ने भी 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक अपने नाम किया।

एक ही परिवार से हैं दोनों एथलीट:

डॉ. ममता जोशी पाठक ने पूर्व में ज्योति जोशी की कोच भी रही हैं और उनकी भाभी भी हैं। इस खुशी की बात यह भी है कि उत्तराखंड ने इस प्रतियोगिता में एक ही सदन में तीन पदक जीते हैं। उत्तराखंड के खिलाडियों ने इस प्रतियोगिता में कुल 6 पदक जीते, जिसमें 2 स्वर्ण और चार कांस्य पदक शामिल हैं।