पहली बार राजनीती में कदम रखने वाले बॉबी पंवार लड़ेंगे सीधे लोकसभा का चुनाव। 28 वर्षीय युवा बॉबी पंवार क्या दे पाएंगे महारानी को टक्कर, आइए जानते हैं।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Uttarakhand Lok Sabha Election 2024 Bobby Panwar Tehri Seat
टिहरी गढ़वाल: हैट्रिक पूरी कर चुकी माला राजलक्ष्मी के सामने बेरोजगार संग के अध्यक्ष बॉबी पंवार और कांग्रेस से पहली बार जोत सिंह गुनसोला होंगे मैदान में।
Uttarakhand Lok Sabha Election 2024: Bobby Panwar on Tehri Seat
उत्तराखंड के पांच लोकसभा सीटों पर 19 अप्रैल को मतदान होना है। आज बुधवार को नामांकन का आखिरी दिन है और टिहरी लोकसभा सीट पर भाजपा और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों ने अपना नामांकन करवा लिया है। टिहरी लोकसभा सीट पर बीजेपी की ओर से माला राज्यलक्ष्मी शाह तो कांग्रेस की ओर से पहली बार जोत सिंह गुनसोला को मैदान में उतारा है। वहीं युवाओं की आवाज बने, भर्ती घोटालों को उजागर करने वाले बेरोजगार संग के अध्यक्ष बॉबी पंवार इस सीट पर निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन कराया है।
इस सीट पर जहाँ भाजपा की सीधी टक्कर कांग्रेस से थी वहीं बॉबी पंवार ने एंट्री करके मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। जिस से भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि राज परिवार की बादशाही जारी रहेगी या कांग्रेस के 12 साल का सूखा ख़त्म होगा या फिर इसके उलट बॉबी पंवार एक नया इतिहास लिखने में कामयाब होंगे।
क्या जारी रहेगा राजशाही परिवार की जीत का सिलसिला ?
टिहरी लोकसभा सीट पर लम्बे समय से राजशाही परिवार के वंशज सक्रिय हैं। जनता ने 17 लोकसभा चुनावों में से 11 बार इस सीट पर इन्हें जीत दिलाई है। स्वतंत्रता के बाद से टिहरी सीट पर कांग्रेस और भाजपा के टिकटों से लगातार 8 बार चुनाव जितने का रिकॉर्ड राजशाही परिवार के मानवेंद्र शाह के नाम है। टिहरी गढ़वाल लोकसभा सीट राजपरिवार की परंपरागत रही है। वैसे तो टिहरी सीट पर 10 बार कांग्रेस और 8 बार भाजपा ने कब्ज़ा जमाया लेकिन राजपरिवार से जुड़े लोगों का ही इस सीट पर दबदबा कायम रहता है। इस बार टिहरी सीट पर जीत की हैट्रिक ले चुकी माला राजलक्ष्मी को फिर से भाजपा ने मौका दिया है। अब देखना होगा कि राजशाही परिवार के तिलिस्म को विरोधी दल तोड़ पाते हैं या नहीं लेकिन इस बार निर्दलीय उम्मीदवार की भी सीधी टक्कर मुकाबला दिलचस्प कर सकती है।
क्या कांग्रेस 12 साल का सूखा खत्म कर पाएगी ?
टिहरी लोकसभा सीट में स्वतंत्र के बाद से 19 चुनावों में कांग्रेस को 10 में जीत मिली है। लेकिन लोकसभा और विधानसभा में कांग्रेस के प्रत्याशी इस सीट पर 12 साल से नहीं जीत पाए हैं। अब इस बार कांग्रेस ने टिहरी सीट पर जोत सिंह गुनसोला को मैदान में उतारा है। इनके राजनीतिक सफर की बात करें तो इन्होने यूथ कांग्रेस में शामिल होकर इसकी शुरुआत की थी और ये दो बार मसूरी विधायक भी रह चुके हैं। राजनीति में साफ़ छवि के लिए इन्हें जाना जाता है। ये क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ़ उत्तराखंड के अध्यक्ष भी रह चुके हैं इन्हें पूर्व मुख्यमंत्री का करीबी माना जाता है। कांग्रेस ने पहली बार टिहरी लोकसभा सीट से इन्हें मैदान में उतारा है। अब देखना ये होगा कि अन्य दो प्रत्याशियों से किस तरह ये चुनावीं जंग जितने में कामयाब रहते हैं या नहीं।
क्या बॉबी पंवार रचेंगे इतिहास ?
बेरोजगार युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व करने वाले बॉबी पंवार भी टिहरी गढ़वाल संसदीय सीट से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी समर में कूद पड़े है। उनके नामांकन में उमड़े हुजूम ने सत्ताधारी पार्टी भाजपा और कांग्रेस दोनों के दिलों में डर का माहौल पैदा कर दिया है। बॉबी पिछले कई वर्षों से बेरोजगारों की आवाज बने हुए हैं और इन्होने समय-समय पर आंदोलन में युवाओं का नेतृत्व किया है। इनके कारण ही बड़ी-बड़ी भर्ती घोटाले सामने आए हैं, इसलिए युवाओं का इन्हें पूर्ण सहयोग है। साथ ही बॉबी पहाड़ की आवाज बनकर भी उभरे हैं, इन्होने पहाड़ से जुड़े मुद्दों जैसे मूल निवास, भू कानून, जल जंगल जमीन, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी आदि पर कई बार सरकार को टारगेट किया है। इसलिए इनके साथ जन भावनाएं भी जुड़ी हैं। अब देखना ये होगा कि जौनसार के छोटे से गाँव से आने वाले युवक की दहाड़ संसद तक पहुंच पाती है या नहीं।