शेयर मार्किट में ट्रेडिंग करके मोठे मुनाफे में रिटायर्ड प्रोफेसर को लगाया चूना। मुनाफे के चक्कर में 5 लाख का धोखा खा बैठे।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: 5 Lakh Cyber Fraud With Retired IIT Professor in Dehradun
देहरादून: वसंत विहार निवासी प्रोफेसर प्रेम प्रकाश बहुगुणा मुनाफे के चक्कर में 5 लाख का धोखा खा बैठे। साइबर ठगों ने फेसबुक के माध्यम से बनाया था संपर्क।
5 Lakh Cyber Fraud With Retired IIT Professor in Dehradun
साइबर क्राइम उत्तराखडं में भी तेज़ी से अपने पैर पसार रहा है, आए दिन लोग इनके जाल में फंसकर लाखों रूपये गँवा रहे हैं। ऐसा ही मामला हाल ही में देहरादून में देखने को मिला है। यहाँ पर थाना बसंत बहार क्षेत्र के अंतर्गत आईआईटी धनबाद रिटायर्ड प्रोफेसर को ठगों ने शेयर मार्केट में निवेश करके अधिक मुनाफे का लालच देकर जाल में फंसाया है। प्रोफ़ेसर साहब प्रलोभन का शिकार हो गए और अपनी गाढ़ी कमाई गँवा बैठे।
फेसबुक के माध्यम से हुआ संपर्क
बसंत बिहार थाने में प्रोफेसर प्रेम प्रकाश बहुगुणा शिकायत दर्ज कराई है कि हाल ही में फेसबुक के माध्यम से एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया और अपना परिचय एलियांज ग्लोबल इन्वेस्टर्स कंपनी के रूप में दिया साथ ही बताया कि यह कम्पनी जर्मनी की है और इन्होने अपना नाम भारतीय प्रमुख अर्जुन कपूर और अपनी सहायिका का नाम मीरा गुप्ता बताया।
अपनाया जालसाजी का नया तरीका
इन दोनों ने प्रोफ़ेसर से ट्रेडिंग करने के लिए मोबाइल पर एक ऑलवी नाम का एप डाउनलोड कराया। जिसमें बैंक का अकाउंट नंबर भी जोड़ा गया।
शुरुआत में इन दोनों ने प्रोफेसर को 2 लाख 77 हजार रुपए कंपनी में निवेश करने के लिए कहा। इसके कुछ दिन बाद ही एप पर 10 लाख रुपए का लाभ दिखने लगा। प्रोफेसर ने खुश होकर अपने 2 लाख 60 हजार रुपए निकाल लिए और उन्हें अब पूरा भरोसा हो गया था की यह एप सही है उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है।
प्रोफेसर ने लालच में आकर अब 5 लाख रुपए इन्वेस्ट कर दिए। फिर कुछ दिनों बाद ही एप पर 39 लाख रुपए का लाभ दिखाई देने लगा। जब प्रोफ़ेसर ने अपनी निवेश राशि निकालने के लिए आवेदन किया तो ठगों ने उन्हें एक लाख 27 हजार रुपए ब्रिटिश टैक्स जमा कराने को कहा। जिसके बाद ही वो पूरी धनराशि निकाल सकते हैं। इस बात प्रोफ़ेसर को उनपर शक होने लगा, फिर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
प्रभारी महावीर उनियाल, थाना बसंत विहार, ने बताया है कि एक रिटायर्ड आईआईटी प्रोफेसर के खिलाफ अनजान आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस इस मामले की जाँच कर रही है।