Uttarakhand: ₹4000 में बिका सहायक समाज कल्याण अधिकारी का ईमान, अब होगा गिरफ्तार

पंतनगर के एक युवक ने आरोप लगाया है कि अपनी बहन के विवाह में सरकारी सहायता के लिए सहायक समाज कल्याण अधिकारी (एएसडब्ल्यूओ) ने उनसे चार हजार रुपये रिश्वत मांगी।
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Social Welfare Officer Took Bribe: Social Welfare Officer Took Bribe of Four Thousand Rupees in Uttarakhand
Image: Social Welfare Officer Took Bribe of Four Thousand Rupees in Uttarakhand

उधमसिंह नगर: युवक ने सहायक समाज कल्याण अधिकारी अजय मिश्रा और उनके सहायक शुभम पर 4 हजार रुपये रिश्वत लेने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार आरोपों की पुष्टि होने पर गिरफ्तारी की जाएगी।

Case against Social Welfare Officer who Took Bribe of ₹4000

प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें जनता की सहायता के लिए बने सहायक समाज कल्याण विभाग के अधिकारी पर रिश्वत लेने का आरोप लगा है। शनिवार 13 अप्रैल को धौराडाम नजीमाबाद निवासी रोहित कुमार ने एसएसपी को तहरीर देकर बताया कि उसने अपनी बहन अन्नू का विवाह 7 मई 2021 को घुसरी डोहरा सितारगंज निवासी कृष्ण प्रसाद के साथ किया था। रोहित कुमार के माता-पिता की मृत्यु पूर्व में ही हो चुकी है और वह जाटव (अनुसूचित जाति) के अंतर्गत आता है। जिस कारण उसने शादी में वित्तीय सहायता के लिए आवेदन किया था। इसमें राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट सहित सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं।

टाल-मटोल करके घुमाया

इसके बाद सहायक समाज कल्याण अधिकारी के सहायक शुभम ने उसे अधिकारी को फाइल प्रोसेसिंग शुल्क के रूप में चार हजार रुपये का चेक देने के लिए कहा। रोहित ने फिर 11 नवंबर 2021 से 8 जनवरी 2022 के बीच शुभम के मोबाइल नंबर पर चार हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब वह चेक लेने पहुंचा तो उसने टाल मटोल करते हुए कहा गया कि चेक केवल उसकी बहन को ही दिया जाएगा। वह अपनी बहन के साथ चेक लेने पहुंचा लेकिन सहायक समाज कल्याण अधिकारी और शुभम ने उन्हें चेक नहीं दिया और मार्च के बाद आने के लिए कहा।

गालीगलौज पर उतर आए अधिकारी

अप्रैल में जब रोहित कुमार चेक लेने पहुंचा गया तो समाज कल्याण अधिकारी ने उससे शपथ पत्र लिया और कहा कि उसका पैसा बाद में मिल जाएगा, क्योंकि अभी तक बजट नहीं आया है। कुछ दिनों बाद उसके साथ गालीगलौज करते हुए चेक नहीं देने की बात कही गई। एसएचओ आरएस डांगी ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज कर विवेचना के लिए सौंपा गया है। आरोप की पुष्टि होने पर ही नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।