Elections: दुनिया का सबसे उम्रदराज मतदाता उत्तराखंड में, 135 वर्ष की उम्र में देंगे वोट

स्वामी परमानंद पुरी दावा करते हैं कि उनकी उम्र के व्यक्ति न केवल उत्तराखंड में बल्कि पूरी दुनिया में कहीं भी नहीं है। वे मानते हैं कि संयमित जीवन, अनुशासन और सादा भोजन ही उनकी लंबी उम्र का रहस्य है।
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Lok Sabha Election 2024: The Oldest Voter In The Voter List In Uttarakhand
Image: The Oldest Voter In The Voter List In Uttarakhand

नैनीताल: नैनीताल के स्वामी परमानंद पुरी 1920 में रह चुके हैं नैनीताल के जिला स्वास्थ्य अधिकारी, वर्ष 1919 में लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एमडी-एमएस करने के बाद ये भारत लौट आए।

Swami Parmanand Puri Is The Oldest Voter In The Voter List In Uttarakhand

19 अप्रैल को उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान होगा। मतदाता सूची में कई मतदाता शतकवीर हैं, लेकिन स्वामी परमानंद पुरी एकमात्र वोटर हैं जिनकी उम्र 135 वर्ष है। उनका दावा है कि दुनिया भर में उनके जैसे कोई और नहीं है और उनकी लंबी उम्र का रहस्य संयमित जीवन, अनुशासन और सावधान खानपान में छिपा है।

स्वामी परमानंद की शिक्षा

इनकी समूची शिक्षा लंदन में हुई, वर्ष 1919 में लंदन स्थित ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एमडी-एमएस पूरा करके भारत लौट आए और वर्ष 1920 में इन्होने स्वास्थ्य विभाग में नैनीताल में जिला स्वास्थ्य अधिकारी के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। दस साल तक काम करने के बाद वर्ष 1930 में इन्होने सांसारिक मोह को त्यागकर संन्यास ले लिया और उसके बाद से ये संत के रूप में जीवन बीता रहे हैं।

इनकी लम्बी उम्र का राज़ और दिनचर्या

स्वामी परमानंद पुरी बताते हैं संयमित जीवन, सादा भोजन, कार्य के प्रति समर्पण और अनुशासन ही मेरी लंबी उम्र का राज है। मैं रोज सुबह 2 बजे उठता हूँ और 3 बजे तक नित्यकर्म करने के बाद सुबह 8 बजे तक ईश्वर का ध्यान करता हूँ। फिर मैं हिंदी और अंग्रेजी के अखबारों को पढ़ने के साथ-साथ आने वाले भक्तों से मिलता हूँ।
उसके बाद में दोपहर में भोजन के बाद कुछ देर आराम करता हूँ और रात में साढ़े दस बजे सो जाता हूँ। वे कहते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को ईश्वर का स्मरण, सद विचार, सदमार्ग, दया धर्म का पालन करना चाहिए और जरूरतमंदों की मदद करनी चाहिए।