उत्तराखंड: मृत व्यक्ति को जिंदा दिखाकर बीजेपी विधायक को बेच दी करोड़ों की जमीन

एक व्यक्ति ने BJP विधायक को फर्जी तरीके से जमीन बेच दी, जांच में पता चला की जिसके नाम से जमीन बेची गई है उसकी मृत्यु सालों पहले हो चुकी है।
Advertisement No reels. No crowds. Just Kedar Himalaya - This trek doesn’t want to be famous..

Alpine meadows, dense forests, and snow-capped peaks in one journey. Suitable for both beginner and experienced trekkers.

Example Ads Media
Kotdwar Property Fraud: Land fraudulently sold to BJP MLA Dilip Rawat
Image: Land fraudulently sold to BJP MLA Dilip Rawat

कोटद्वार: सोमवार को मृत व्यक्ति को जीवित दिखाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार करके लैंसडौन विधायक को जमीन बेचने वाले शातिर आरोपी को नीलकंठ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया है।

Land fraudulently sold to BJP MLA Dilip Rawat

प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है जहाँ पर एक व्यक्ति ने मरे हुए इंसान को जिन्दा दिखाकर उसके नाम पर फर्जी दस्तावेज बना लिए और फिर उसकी जमीन को बीजेपी विधायक दलीप रावत को बेच दिया। पुलिस के अनुसार बालम सिंह असवाल निवासी ग्राम खेड़ा तल्ला थाना यमकेश्वर (पौड़ी) इन्होने 11 मार्च को कोतवाली कोटद्वार में मामले को लेकर तहरीर दी थी।

सालों पहले हो गई दादाजी की मृत्यु

तहरीर में आरोप लगाया गया था कि विक्रम सिंह पयाल ने उनके दादा की पुंडरासू लक्ष्मझूला स्थित 10 नाली भूमि को फर्जी दस्तावेज तैयार कर लैंसडौन विधायक दलीप रावत को बेच दिया। जबकि उनके दादा की सालों पहले मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रभारी निरीक्षक कोटद्वार मणिभूषण श्रीवास्तव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने जांच के बाद आरोपी विक्रम सिंह पयाल निवासी ग्राम कोठार थाना लक्ष्मणझूला जिला (पौड़ी गढ़वाल) को नीलकंठ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।

10 नाली जमीन बेची विधायक को

पुलिस की पूछताछ मिनी आरोपी ने बताया कि बालम सिंह असवाल के दादा नारायण सिंह असवाल की वर्ष 1965 में ही मृत्यु हो चुकी थी और उनकी पुण्डरासू लक्ष्मणझूला स्थित पुस्तैनी जमीन की परिजनों द्वारा कोई देखरेख नहीं की जा रही थी, जिस कारण उन्होंने खुद नारायण सिंह असवाल बनकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और इस जमीन को विधायक को बेच दिया। लैंसडौन विधायक महंत दलीप रावत ने बताया कि वर्ष 2000 में विक्रम सिंह पयाल ने स्वर्गाश्रम में उन्हें 10 नाली जमीन बेची थी। कुछ दिन पूर्व में ही बालम सिंह ने आकर उन्हें इस मामले की सच्चाई बताई जिसके बाद उन्होंने एसएसपी पौड़ी को फोन करके मामले में तुरंत जांच कराने के लिए कहा था।