उपचुनाव के चलते कांग्रेस ने आज बड़ी कार्रवाही की है, चमोली जिला पंचायत अध्यक्ष सहित पांच अन्य नेताओं को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Congress Expelled Rajni Bhandari From The Party For 6 Years
चमोली: पूर्व विधायक राजेंद्र भंडारी की पत्नी रजनी भंडारी समेत कांग्रेस के पांच नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बताया कि रजनी भंडारी बदरीनाथ उप चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त पाई गई हैं।
Congress Expelled Rajni Bhandari From The Party For 6 Years
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने पीसीसी सदस्य रजनी भंडारी समेत कांग्रेस के पांच नेताओं को छह साल के लिए निष्कासित कर दिया है। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मथुरा दत्त जोशी और चमोली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष मुकेश नेगी ने इसकी पुष्टि की है। ज्ञात हो कि रजनी भंडारी बदरीनाथ विधानसभा के पूर्व विधायक राजेन्द्र सिंह भंडारी की धर्मपत्नी हैं और वे चमोली जिला पंचायत की अध्यक्ष हैं। लोकसभा चुनाव से पहले ही उन्होंने बीजेपी का दामन थाम लिया था जिससे बदरीनाथ विधानसभा सीट खाली हो गयी और अब यहाँ पर 10 जुलाई को उपचुनाव होने हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने लगाए आरोप
कांग्रेस पार्टी की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी ने बताया कि कुछ कांग्रेसी नेताओं द्वारा बदरीनाथ और मंगलौर विधानसभा उपचुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियाँ की जा रही हैं। इसे ध्यान में रखते हुए पार्टी ने सख्त रुख अपनाते हुए चमोली की जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी को तत्काल प्रभाव से 6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया है। उन्होंने बताया कि राजेंद्र भंडारी का इस्तीफा पार्टी को मिला था, लेकिन उनकी पत्नी रजनी भंडारी ने कोई इस्तीफा पीसीसी को नहीं दिया और पीसीसी को यह जानकारी मिली थी कि रजनी भंडारी समेत पांच कोंग्रेसी नेता पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलिप्त हैं इसलिए सभी को पार्टी ने 6 साल के निष्काषित किया है।
रजनी भंडारी ने दिया जवाब
जिला पंचायत अध्यक्ष रजनी भंडारी ने कांग्रेस पार्टी से निष्कासित किए जाने पर कहा कि निष्कासन का कोई अर्थ ही नहीं होता। उन्होंने पहले ही कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ले ली थी और अब निष्कासन करने का कोई औचित्य नहीं है। भाजपा प्रत्याशी राजेन्द्र भंडारी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकास के संकल्प के सफल परिणाम से प्रभावित होकर उन्होंने भाजपा ग्रहण की और वे स्वयं अपनी पत्नी संग त्यागपत्र दे चुके हैं।