Uttarakhand: अग्निवीरों से CM धामी का वादा, नौकरी और रोजगार में दिलाएंगे आरक्षण

एक तरफ जहाँ देशभर में अग्निवीरों को लेकर राजनीतिक बवाल मचा हुआ हुआ है वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीरों के लिए सरकारी विभागों में नियुक्तियां और आरक्षण देने की बात कही है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Reservation To Agniveers: CM Dhami Announcement Government Will Give Reservation To Agniveers
Image: CM Dhami Announcement Government Will Give Reservation To Agniveers

देहरादून: मुख्यमंत्री ने रविवार को एक कार्यक्रम के दाैरान बताया कि राज्य सरकार अग्निवीरों के भविष्य के लिए एक ठोस कदम उठाने जा रही है। जिसमें चार साल की सेवा पूरी करने वाले जवानों को उत्तराखंड पुलिस और राज्य के अन्य सरकारी विभागों में भर्ती के लिए आरक्षण देने का प्रस्ताव शामिल है।

CM Dhami Announcement Government Will Give Reservation To Agniveers

मुख्यमंत्री धामी जी ने घोषणा करते हुए कहा है कि चार साल की सेना में सेवा पूरी करके लौटने वाले अग्निवीरों को अब अपने भविष्य के लिए चिंतित रहने की आवश्यकता नहीं हैं, इसके लिए अधिकारियों को ठोस योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार चाहती है कि चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को राज्य में पर्याप्त नौकरी और रोजगार के अवसर मिलें। रिटायर्ड अग्निवीरों को राज्य की सेवा में शामिल किया जाएगा, जिससे वे रोजगार पाकर राज्य के विकास में योगदान दे सकें। सैनिक कल्याण विभाग इस सम्बंध में प्रस्ताव तैयार करने में जुट गया है।

सीएम धामी जी ने अधिकारियों को किया निर्देशित

राज्य सरकार अग्निवीरों के सुरक्षित भविष्य के लिए उन्हें नियोजित करने का ठोस कार्यक्रम तैयार कर रही है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को उत्तराखण्ड पुलिस व राज्य के अन्य सरकारी विभागों में भर्ती होने के लिए कोटा दिया जाएगा। इसके साथ ही रिटायर्ड अग्निवीरों को विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार संबंधी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए कौशल प्रशिक्षण योजना भी लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिकारियों को जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि आवश्यकता पड़ने पर आगामी विधानसभा सत्र में भी प्रस्ताव लाया जायगा और जरूरी होगा तो इसके लिए एक्ट भी बनाएंगे।