Uttarakhand: देवभूमि में अवैध मजारों के जरिए "कन्वर्ट" की जा रही जमीन, खुल्लमखुल्ला चल रहा खेल

देवभूमि अपने सुंदर पहाड़ों, मौसम और नजारों के लिए जानी जाती है, लेकिन आज का उत्तराखंड कुछ बदल गया है। अब यहाँ बड़ी संख्या में अवैध मजारें बनाकर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण हो रहा है।
Advertisement Hidden Gem Treks of Kedar Himalaya You Must Explore Once in Life

Peaceful and untouched trekking routes away from the crowds. Hidden trails where nature still remains raw and pure.

Example Ads Media
Govt Land in Uttarakhand: Occupancy of Illegal Mazars On Road and Govt Land in Uttarakhand
Image: Occupancy of Illegal Mazars On Road and Govt Land in Uttarakhand

हल्द्वानी: उत्तराखंड में अब तक एक हजार से ज्यादा मजारें चिन्हित की जा चुकी हैं, जो वन विभाग या सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जा करके बनाई गई हैं। इनमें से कई मजारों को सरकार द्वारा ध्वस्त भी किया जा चुका है। इस बीच हल्द्वानी में कई अवैध मजारें बनाने के मामला सामने आया है।

Illegal Mazars Increasing On Government Lands in Uttarakhand

पांचजन्य में छपी लेटेस्ट रिपोर्ट्स के अनुसार.. हल्द्वानी के कैंट एरिया के निकट आवास विकास के पीछे विनायक संपत्ति के पास एक मजार स्थापित कर दी गई है। वहीं काठगोदाम रेलवे स्टेशन के पीछे वन भूमि पर अवैध कब्जा कर मजार और एक भव्य इमारत बनाई गई है। इस संबंध में वन विभाग ने नोटिस जारी किया है। कुछ दिन पहले काठगोदाम रेलवे परिसर के पास सड़क चौड़ीकरण को लेकर हिंदू संगठनों ने एक मजार के खिलाफ विरोध दर्ज किया। यह मजार अब तक झाड़ियों में छुपी थी, लेकिन सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही इसके सेवक सामने आ गए और मजार को शिफ्ट करने के बदले भूमि की मांग करने लगे। इस पर हिंदू संगठन विरोध में उतर आए। बाद में प्रशासन के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत करवाया।

  • हल्द्वानी के कई क्षेत्र में बनी अवैध मजारें

    Illegal shrines built in Haldwani
    Pic: 1/ 2
    Image: Illegal shrines built in Haldwani

    हल्द्वानी के राजपुरा में एफसीआई के गोदाम के अंदर एक मजार बनाई गई है, जिसके निर्माण के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा राजपुरा में एक और मजार निर्माण हुआ है, जिसके चारों ओर मुस्लिम समुदाय ने कब्जा कर लिया है और वहाँ जमीनों की खरीद-फरोख्त का भी धंधा शुरू हो गया है। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से आगे बनभूलपुरा क्रॉसिंग के पास भी एक मजार स्थापित की गई है। इसी प्रकार हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज के परिसर बरेली रोड पर शमा रेस्त्रां के पीछे और रामपुर रोड पर पेट्रोल पंप के पास भी मजारें बनी हैं। इन सभी मामलों पर सवाल उठ रहे हैं कि ये मजारें कैसे स्थापित की गईं। अवैध कब्जों को हटाने के लिए संबंधित विभाग और राज्य सरकार को तुरंत और कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।

  • कट्टरपंथी तत्वों की संख्या में हो रहा इजाफा

    Illegal shrines built in Haldwani
    Pic: 2/ 2
    Image: Illegal shrines built in Haldwani

    काठगोदाम क्षेत्र का कुल एरिया 15 किलोमीटर से भी कम है, इसमें अचानक एक दर्जन से अधिक मजारें बन गई हैं, जिनके बारे में स्थानीय लोगों को भी कोई जानकारी नहीं है। कुछ पुराने मुस्लिम परिवार भी इस बात पर हैरान हैं कि ये मजारें किसने और क्यों बनाई। इसके अलावा देवबंदी मुसलमान मजारों पर सजदा नहीं करते, तो यह भी सवाल उठता है कि इन मजारों का उद्देश्य क्या है। यह भी चिंता का विषय है कि हल्द्वानी में कट्टरपंथी तत्वों की सक्रियता बढ़ रही है। खुफिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि जमीयत का एक मरकज हल्द्वानी में अपना केंद्र स्थापित करके कट्टरपंथ का प्रचार कर रहा है। हल्द्वानी बनभूलपुरा हिंसा मामले में भी इस संदर्भ में संकेत मिले हैं, जिससे पुलिस और अन्य खुफिया एजेंसियाँ मामले की जांच कर रही हैं।