Advertisement
Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of
Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.
Example Ads Media
देहरादून: उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (यूकाडा) जौलीग्रांट क्षेत्र के पास 1.95 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने की तैयारी में है। इस संबंध में ग्रामीणों को 10 अगस्त तक जमीन खाली करने का नोटिस जारी किया गया है।
उत्तराखंड का पहला एयरपोर्ट अंतराष्ट्रीय होने जा रहा है और यहाँ से अब पांच देशों के लिए फ्लाइट कुछ महीनों के बाद से शुरू हो जाएगी। उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी दयानंद सरस्वती ने बताया कि जौलीग्रांट एयरपोर्ट की दोनों बिल्डिंगों के निर्माण के बाद विस्तारीकरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। जिन परिवारों की जमीन अधिग्रहण की जद में आई है, उन्हें मुआवजा दिया जा चुका है और अब जमीन खाली करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों ने जगह खाली करने के लिए 10 अगस्त तक का समय मांगा है। इसके बाद एयरपोर्ट विस्तारीकरण के लिए जमीन का अधिग्रहण का कार्य शुरू हो जाएगा।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में 1.95 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है और इसके बाद 6 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। जौलीग्रांट एयरपोर्ट को दुबई, कोलंबो, सिंगापुर, बैंकाक और क्वालालंपुर जैसे पांच देशों के एयरपोर्टों से जोड़ने की योजना है। दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले टिहरी से विस्थापित होकर यहां आए थे और अब एक बार फिर 10 परिवारों को विस्थापित किया जा रहा है। इससे उनका रोजगार छिन रहा है और नई जगह पर जाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा मुआवजे की राशि को सर्किल रेट से बहुत कम बताया और उन्होंने प्रशासन से 10 अगस्त तक का टाइम माँगा है।