गैरसैंण में चले तीन दिन के विधानसभा सत्र में बोलने का मौका न दिए जाने पर धारचूला से कांग्रेस विधायक अपने ही नेताओं पर भड़क उठे।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Harish Dhami is angry with his own leaders
चमोली: कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने अपने ही पार्टी नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा में उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया गया। धामी का कहना है कि सदन में विपक्ष अपने कर्तव्यों के बजाय मित्र विपक्ष की भूमिका निभाता नजर आया।
Harish Dhami is angry with his own leaders
आपदा के मुद्दे पर बोलने का मौका न मिलने से नाराज हरीश धामी ने सदन से बाहर आकर अपनी पीड़ा मीडिया के सामने रखी। उन्होंने बताया कि उनकी विधानसभा सीमांत और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों वाली है, जहां आपदा से जनता का हाल बेहाल है, लेकिन फिर भी उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। धामी ने पहाड़ी मूल के विधायकों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य पर मित्र विपक्ष की भूमिका निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से करने का निर्णय लिया है।
अपनी आवाज़ दबाए जाने पर गुस्से में हरीश धामी
विधानसभा में कांग्रेस ने आपदा के मुद्दों पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग की थी, जिस पर स्पीकर ने विपक्ष को आधे घंटे का समय दिया। हरीश धामी का आरोप है कि उनकी पार्टी ने उन्हें सदन में बोलने के लिए भी 5 मिनट का समय नहीं दिया। उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष मित्र विपक्ष की भूमिका निभाता नजर आया। धामी ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पार्टी में उनकी सीनियरिटी को नजरअंदाज किया गया जबकि वह तीन बार के विधायक हैं। इशारों-इशारों में उन्होंने अपने ही पार्टी के उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी पर भी हमला किया, यह कहते हुए कि जिन विधायकों ने अपना बूथ नहीं जीता उन्हें बोलने का मौका दिया गया।