एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह फर्त्याल को जापान के क्योटो में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कीट विज्ञान कांग्रेस-2024 में आमंत्रित किया गया है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Professor Fartyal Will Present His Research at ICE 2024 Held in Kyoto
श्रीनगर गढ़वाल: इस वैश्विक मंच पर प्रोफेसर फर्त्याल अपनी रिसर्च प्रस्तुत करेंगे जहां देशभर से 2500 से अधिक एंटोमोलॉजिस्ट भाग लेंगे।
Professor Fartyal Will Present His Research at ICE 2024 Held in Kyoto
गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेंद्र सिंह फर्त्याल को जापान के क्योटो में आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय कीट विज्ञान कांग्रेस (ICE) 2024 में अपने शोधकार्य के प्रस्तुतिकरण के लिए आमंत्रित किया गया है। यह कांग्रेस 25 से 30 अगस्त 2024 तक चलेगी, जिसमें विश्वभर के करीब 2500 एंटोमोलॉजिस्ट भाग लेंगे। इस वर्ष की कांग्रेस का थीम 'सामंजस्य के माध्यम से नई खोज' है और इसका सचिवालय क्योटो विश्वविद्यालय के ग्रेजुएट स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर में स्थित होगा। प्रोफेसर फर्त्याल 'इंडियन ड्रोसोफिलिड टैक्सोनॉमी' पर अपने शोधकार्य को प्रस्तुत करेंगे, जिसमें टैक्सोनॉमी को बचाने के लिए बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने और टैक्सोनोमिस्ट को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जाएगा।
कीट विज्ञान में दे चुके हैं उल्लेखनीय योगदान
प्रोफेसर राजेंद्र सिंह फर्त्याल का कीट विज्ञान में उल्लेखनीय योगदान रहा है, इन्होने 2009 में जापान के होक्काइडो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर एमजे टोडा के साथ विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में काम किया था। इसके बाद 2014 में फ्रांस के पेरिस में एक वर्गीकरण कार्यशाला में भाग लिया और मई 2019 में उन्हें रॉयल एंटोमोलॉजिकल सोसायटी लंदन द्वारा फेलो (एफआरईएस) का सम्मान मिला। अगस्त 2019 में लंदन में 'एंटो-19' अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उन्होंने हिमालय क्षेत्र में फल मक्खियों पर शोध प्रस्तुत किया। अब प्रोफेसर फर्त्याल ने लगभग 50 शोध पत्र और 5 पुस्तक अध्याय प्रकाशित किए हैं और 9 शोधार्थियों को मार्गदर्शन दिया है। वे भारत-जापान द्विपक्षीय सहयोग अनुसंधान कार्य पर चर्चा के लिए 31 अगस्त और 2 सितंबर को होक्काइडो विश्वविद्यालय में प्रोफेसर टोरू के साथ बैठक करेंगे।