उत्तराखंड: मनरेगा में इतने रूपये बढ़ेगी मजदूरी, CM धामी सरकार ने केंद्र को भेजा प्रस्ताव

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के तहत मजदूरी दरें बढ़ाने के लिए उत्तराखंड ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
MNREGA in Uttarakhand: Wages Will Increase Under MNREGA in Uttarakhand
Image: Wages Will Increase Under MNREGA in Uttarakhand

देहरादून: उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में पलायन रोकने के लिए मनरेगा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। राज्य ने भौगोलिक चुनौतियों का हवाला देते हुए केंद्र से राष्ट्रीय औसत के अनुरूप मजदूरी दरें बढ़ाने का आग्रह किया है।

Wages Will Increase Under MNREGA in Uttarakhand

उत्तराखंड सरकार ने केंद्र से महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत मजदूरी दरें बढ़ाने की मांग की है, मनरेगा ग्रामीण क्षेत्रों में साल भर सौ दिनों का रोजगार प्रदान करती है। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि इस संबंध में केंद्र को पत्र भेजा गया है, जिसमें राज्य की विषम भौगोलिक स्थितियों का जिक्र करते हुए मजदूरी दरें राष्ट्रीय औसत 289 रुपये प्रतिदिन के समान करने का अनुरोध किया गया है। फिलहाल राज्य में मनरेगा मजदूरी दर 237 रुपये प्रतिदिन है।

उत्तराखंड में 10.37 लाख परिवारों के बने हैं मनरेगा जाबकार्ड

उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन रोकने के लिए मनरेगा एक महत्वपूर्ण योजना साबित हुई है। खासकर कोरोनाकाल में जब बड़ी संख्या में प्रवासी अपने गांव लौटे, उन्होंने इस योजना के तहत रोजगार के अवसरों में रुचि दिखाई। राज्य में 10.37 लाख परिवारों को मनरेगा के तहत जाबकार्ड जारी किए गए हैं, जिनमें से 7.94 लाख परिवार सक्रिय रूप से इसका लाभ ले रहे हैं। पिछले वर्ष मनरेगा के तहत 139.48 लाख मानव दिवस सृजित किए गए थे, लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच मजदूरी दर में वृद्धि की मांग लगातार उठ रही थी।

इस वर्ष केवल सात रुपये प्रति दिन के हिसाब से हुई वृद्धि

हालांकि इस वर्ष मजदूरी में मामूली वृद्धि हुई, लेकिन यह केवल सात रुपये प्रति दिन थी, जिससे मजदूरी दर 237 रुपये प्रतिदिन तक पहुंची। अन्य हिमालयी राज्यों की तुलना में, उत्तराखंड में मनरेगा मजदूरी दर अभी भी काफी कम है। ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने बताया कि मजदूरी दरों में परिवर्तन का अधिकार केंद्र सरकार के पास है, इसलिए राज्य सरकार ने केंद्र से इस दर में वृद्धि का आग्रह किया है।

मनरेगा में मजदूरी की दरें (रुपये प्रतिदिन) हिमालयी राज्यों में:

1. मणिपुर: 272
2. सिक्किम: 249 व 374
3. लद्दाख: 259
4. मिजोरम: 266
5. असम: 249
6. मेघालय: 254
7. हिमाचल प्रदेश: 236 व 259
8. उत्तराखंड: 237
9. त्रिपुरा: 242
10. नगालैंड: 234
11. अरुणाचल प्रदेश: 234