Uttarakhand News: 75 हजार लोगों को रोजगार देगी औद्योगिक स्मार्ट सिटी, उत्तराखंड में बंपर भर्तियां

केंद्र सरकार ने ऊधम सिंह नगर जिले के खुरपिया को औद्योगिक स्मार्ट शहर के रूप में चयनित किया है, जिससे राज्य में 75,057 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की उम्मीद है।
Advertisement Secret Himalayan Treks Near Kedarnath You’ve Never Heard Of

Trails once used by sages, locals, and shepherds. Ideal for travelers seeking silence over social media fame.

Example Ads Media
Employment in Uttarakhand: More than 75 thousand people will get employment in Uttarakhand
Image: More than 75 thousand people will get employment in Uttarakhand

उधमसिंह नगर: खुरपिया में बनने वाले औद्योगिक स्मार्ट शहर को 1002 एकड़ भूमि पर 1265 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जाएगा, जिससे 6180 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित होने की संभावना है। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड में औद्योगिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।

More than 75 thousand people will get employment in Uttarakhand

बुधवार को केंद्रीय औद्योगिक विकास मंत्री पीयूष गोयल ने ऑनलाइन माध्यम से पत्रकारों को जानकारी दी कि उत्तराखंड में नए औद्योगिक शहरों को वैश्विक मानकों के ग्रीनफील्ड स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना से 75,057 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है और इसे तीन वर्ष के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 25 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस परियोजना के लिए विशेष अनुरोध किया था। यह प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी के कार्यकाल के बाद सबसे बड़ा औद्योगिक पार्क होगा।

औद्योगिक स्मार्ट शहर में आटोमोटिव सेक्टर को प्रमुख प्राथमिकता

खुरपिया रुद्रपुर से 17 किमी पूर्व में स्थित है इसे एक औद्योगिक स्मार्ट शहर के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आटो कंपोनेंट, आटोमोबाइल, इंजीनियरिंग और फेब्रिकेशन जैसे उद्योगों पर विशेष फोकस किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यह परियोजना पंतनगर और रुद्रपुर के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को और सशक्त बनाएगी। इसके अलावा खुरपिया से सड़क, रेल और हवाई संपर्क भी बेहद सुगम है, जिससे उद्योगों को लाभ मिलेगा। इस औद्योगिक स्मार्ट शहर के लिए सबसे बड़ा लाभ यह है कि पर्यावरणीय स्वीकृति पहले ही प्राप्त की जा चुकी है, जिससे निवेशकों को इस प्रक्रिया में कोई परेशानी नहीं होगी।

उद्योग लगाने के लिए आसान प्रक्रिया और रियायत

सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली के जरिए राज्य और केंद्र स्तर पर काम को सरल बनाया गया है। उद्योग लगाने के लिए भूमि खरीदने में निवेशकों को लचीले भुगतान विकल्प दिए गए हैं, जिसमें एकमुश्त भुगतान के साथ-साथ पांच वर्षों में राशि चुकाने की सुविधा भी शामिल है। केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से दी जा रही विभिन्न छूटों का भी लाभ निवेशकों को मिलेगा। यह परियोजना न केवल राज्य के राजस्व में वृद्धि करेगी, बल्कि दो से चार लाख तक के अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी उत्पन्न करेगी। मुख्यमंत्री धामी ने जून में प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस परियोजना के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियों की प्राप्ति की जानकारी दी थी।