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चम्पावत: एसएसबी ने आरोपियों को बनबसा पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। इस घटना पर कांग्रेस ने राज्य की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए मामले को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है और सरकार को घेरने का प्रयास किया है।
मिली जानकारी के अनुसार भाजपा विधायक प्रमोद नैनवाल के भाई सतीश नैनवाल को एसएसबी ने भारत-नेपाल सीमा पर चंपावत जिले के बनबसा क्षेत्र में गिरफ्तार किया है। एसएसबी की 57वीं वाहिनी की ओर से चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान यह गिरफ्तारी हुई। चेकिंग के दौरान नैनीताल निवासी सतीश नैनवाल (40 वर्ष) और उनके चालक दिनेश चंद्र (47 वर्ष) जो अल्मोड़ा के रहने वाले हैं, इनको 7.65 एमएम के 40 जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया। इसके अलावा उनके पास से अन्य अवैध सामान भी बरामद हुआ है। आरोपियों को एसएसबी ने बनबसा थाना पुलिस के हवाले कर दिया है।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने चंपावत सीमा पर हुई गिरफ्तारी पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि माओवाद के पुराने इतिहास को देखते हुए यह घटना बेहद चिंताजनक है। उनका कहना है कि नेपाल सरकार ने पहले ही भारत के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन को सीमा पर हो रही संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी दी थी जो गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश से लेकर केंद्र तक की भाजपा सरकारें इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही हैं। हरीश रावत ने कहा कि नेपाल के साथ भारत के संवेदनशील संबंधों और इस क्षेत्र में माओवाद की पुरानी गतिविधियों के संदर्भ में यह मामला और भी गंभीर हो गया है।