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चमोली: ग्रामीण पिछले 40 दिनों से क्रमिक उपवास पर बैठे हैं, और इस आंदोलन में 100 वर्षीय बच्ची देवी भी शामिल हैं। अपनी उम्र के बावजूद बच्ची देवी अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से दृढ़ हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं की जाएंगी, वे अपना उपवास नहीं तोड़ेंगी।
पहाड़ों में सड़क सुविधाएं बदहाल होने के कारण ग्रामीणों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। खासकर दूरदराज के गांवों में जहां बुनियादी सुविधाओं तक पहुंचना एक चुनौती बन चुका है। चमोली के डुमक गांव में भी ऐसी ही समस्या से जूझते हुए ग्रामीण अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। गांव के लोग पिछले 40 दिनों से सड़क निर्माण की मांग को लेकर क्रमिक उपवास पर हैं और इनमें 100 साल की बच्ची देवी सबसे मुखर हैं।
बच्ची देवी जो उम्र के इस पड़ाव पर भी अदम्य साहस दिखा रही हैं, ग्रामीण सैंजी से लेकर मैकोट डुमक कलगोठ सड़क को पुराने प्रस्तावित रूट पर बनाने और लंबे समय से बंद पड़े निर्माण कार्य को फिर से शुरू करने की मांग कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने कैंडल मार्च निकालकर अपनी आवाज को और मजबूत किया। बच्ची देवी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होतीं वे उपवास नहीं तोड़ेंगी। इस आंदोलन ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कब सरकार इन दूरस्थ गांवों की बुनियादी जरूरतों पर ध्यान देगी और ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेगी।