एक तरफ सोशल मीडिया से लोग अच्छी चीजें सीख रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इसका दुरुपयोग भी बढ़ता जा रहा है। यहाँ पर कुछ लोगों को पुलिस ने नकली नोटों का कारोबार करते हुए पकड़ा है।
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राज्य समीक्षा डेस्क
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Image: Fake Notes Printed After Watching YouTube Video in Uttarakhand
हरिद्वार: पुलिस ने देहरादून और हरिद्वार जिले में नकली नोटों का कारोबार करने वाले गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी बड़े ही सावधानीपूर्वक अपने कमरे में 500 रुपये के जाली नोट तैयार कर रहे थे।
Fake Notes Printed After Watching YouTube Video in Uttarakhand
हरिद्वार जिले में पुलिस ने नकली नोटों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनके पास से 22 हजार रुपये के 500-500 के नकली नोट बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में दो और आरोपी शामिल हैं, जिन्हें देहरादून से गिरफ्तार किया गया। इन दो आरोपियों के पास से भी करीब दो लाख रुपये के नकली नोट मिले। यह कार्रवाई रानीपुर कोतवाली क्षेत्र में पुलिस चेकिंग के दौरान की गई। इन चारों के पास से 22 हजार रुपये के 500-500 के नकली नोट बरामद हुए।
पुलिस ने बरामद किए लाखों रुपये के नकली नोट
पूछताछ में पता चला कि इस गिरोह में दो और आरोपी शामिल हैं, जिन्हें देहरादून से गिरफ्तार किया गया। इन दो आरोपियों के पास से भी करीब दो लाख रुपये के नकली नोट मिले। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सौरभ, निखिल, अनंतबीर और नीरज शामिल हैं, जो यूपी के विभिन्न जिलों से हैं। पूछताछ में पता चला कि उनके दो साथी मोहित और विशाल देहरादून में नकली नोट तैयार करने का काम कर रहे हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहित को देहरादून के सुद्धोवाला से गिरफ्तार किया, जहां से 1 लाख रुपये के 200 नकली नोट और मोहित के कमरे से लैपटॉप, प्रिंटर, दो ब्लेड कटर, दो चमकीली ग्रीन टेप और नोट छापने का सामान बरामद हुए।
देहरादून से नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद
पुलिस ने देहरादून में दूसरे आरोपी विशाल को पटेल नगर थाना क्षेत्र के दून एनक्लेव से गिरफ्तार किया। विशाल के पास 500-500 के 207 नकली नोट यानी कुल 1 लाख 3 हजार रुपए बरामद हुए। मोहित जो नकली नोट बनाने में माहिर है, उसने विशाल और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर बाजार में नकली नोटों से सामान खरीदा। अनंतवीर जो हापुड़ का निवासी है और पहले बंगाल इंजीनियरिंग सेंटर में काम कर चुका था, लेकिन 2004 में एक एक्सीडेंट के कारण आर्मी की नौकरी छोड़ दी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी नकली नोटों का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाकों और बुजुर्ग दुकानदारों के पास करते थे। वे दुकानदार को 500 रुपए का नकली नोट देते और 100 या 150 रुपए का सामान ले लेते, बचे पैसे उन्हें असली मिल जाते थे। इस तरीके से वे बाजार से अच्छा मुनाफा कमा रहे थे।