पहाड़ के युवा आज हर क्षेत्र में आगे हैं, अपनी मेहनत और समर्पण से वे बड़ी सफलताएं हासिल कर अपने परिवार के साथ ही देश का नाम रोशन कर रहे हैं।
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भीड़ से दूर, स्वर्ग के सबसे पास – केदार हिमालय के Hidden Treks
बुग्याल, हिमालयी वन और बर्फीली चोटियों का अद्भुत नज़ारा। आध्यात्म, रोमांच और एकांत का अनोखा संगम।
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Image: Dr Saurabh Gangola in world top 2 percent scientist database
पिथौरागढ़: पहाड़ के एक और युवा ने अपनी कड़ी मेहनत से विश्व रैंकिंग टॉप 2 फीसदी साइंटिस्ट डेटाबेस में अपनी जगह बनाई है। हम बात कर रहे हैं पिथौरागढ़ जिले के गणाई गंगोली के सिलकोट निवासी सौरभ गंगोला की। जिन्होंने अपनी दिन-रात की कड़ी मेहनत से एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। सौरभ गंगोला का नाम वैज्ञानिकों की विश्व रैंकिंग में दर्ज हुआ है।
Dr. Saurabh Gangola in the world's top 2% scientist database
आपको बता दें कि पिथौरागढ़ के डॉ. सौरभ गंगोला ने माइक्रोबायोलॉजी में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है। डॉ गंगोला के पास 06 वर्षों से अधिक का शिक्षण और शोध का अनुभव है। उनके शोध का क्षेत्र बायोडिग्रेडेशन और जेनोबायोटिक यौगिकों (कीटनाशक, डाई, भारी धातु, पॉलीएरोमैटिक हाइड्रोकार्बन, आदि) का बायोरेमेडिएशन है। उत्तराखंड राज्यपाल अनुसंधान पुरस्कार 2019 भी मिल चुका है और उन्होंने कई शोध पत्र, अत्यधिक प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में समीक्षा पत्र, पुस्तक अध्याय, संपादित पुस्तकें (स्प्रिंगर और एल्सेवियर) और पेटेंट भी प्रकाशित किए हैं।
ग्राफिक एरा में हैं सहायक प्रोफेसर
सौरभ का परिवार वर्तमान में हल्द्वानी के दमुवाढूंगा में निवास करते हैं। डॉ सौरभ गंगोला की इस बड़ी उपलब्धि से उनके परिजनों में खुशी का माहौल है। वहीं उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। ग्राफिक एरा डीम्ड विश्व विद्यालय देहरादून के लिए भी ये एक बड़ी उपलब्धि है। ग्राफिक एरा डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी, देहरादून के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में सहायक प्रोफेसर डॉ गंगोला ने वैज्ञानिक रिपोर्ट और फ्रंटियर्स इन माइक्रोबायोलॉजी पत्रिकाओं में अतिथि संपादक के रूप में विशेष मुद्दों को संपादित किया है और कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पत्रिकाओं के एक मूल्यवान संपादकीय बोर्ड के सदस्य भी रह चुके हैं।