उत्तराखंड: आज से खुल जाएगी रहस्यमयी पाताल भुवनेश्वर गुफा, पुरातत्व विभाग ने जारी किये आदेश

भारतीय पुरातत्व विभाग ने वर्ष 2024 के लिए एक बार फिर से तीन माह के बाद 16 अक्टूबर से भक्तों के लिए पाताल भुवनेश्वर गुफा को खोलने ने आदेश जारी किये हैं।
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Patal Bhuvneshwar cave: Patal Bhuvneshwar cave to open today for year 2024
Image: Patal Bhuvneshwar cave to open today for year 2024

पिथौरागढ़: विश्व प्रसिद्ध पाताल भुवनेश्वर गुफा के दर्शन 16 अक्टूबर से भक्तों के लिए खुल जाएंगे। भारतीय पुरातत्व विभाग ने तीन माह के बाद पाताल भुवनेश्वर गुफा को खोलने का आदेश जारी किया है, जिसके तहत भक्त बुधवार से गुफा के दर्शन कर सकेंगे।

Patal Bhuvneshwar cave to open today for year 2024

पाताल भुवनेश्वर उत्तराखण्ड के पिथौरागढ़ जिले में गंगोलीहाट से 14 किमी दूरी पर स्थित एक प्राकृतिक गुफा है। यहां धार्मिक तथा ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण कई प्राकृतिक कलाकृतियां बनीं हैं। जमीन से 90 फ़ीट की गहराई पर स्थित इस गुफा का क्षेत्रफल लगभग 160 वर्ग मीटर है।

बरसात में आक्सीजन की कमी से की गयी थी बंद

मंदिर समिति के अध्यक्ष नीलम भंडारी ने बताया कि ऑक्सीजन की कमी की वजह से जुलाई से गुफा को बंद कर दिया था, जिसे 16 अक्तूबर से खोल दिया जाएगा। भारतीय पुरातत्व विभाग ने तीन माह के बाद पाताल भुवनेश्वर गुफा को खोलने का आदेश जारी किया है, जिसके तहत भक्त बुधवार से गुफा के दर्शन कर सकेंगे। इस दौरान कमेटी महासचिव जगत रावल, केदार सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।

युगों से है पातल भुवनेश्वर की धार्मिक आस्था

साक्क्षों के अनुसार गुफा की खोज सूर्यवंशी राजा राजा ऋतुपर्णा ने की थी। वे त्रेता युग में अयोध्या पर शासन करते थे। स्वयं महादेव शिव के पाताल भुवनेश्वर में विराजमान होने और अन्य देवी देवता द्वारा उनकी स्तुति करने का स्कंदपुराण में भी वर्णन है। जंगली हिरण का पीछा करते हुए राजा ऋतुपर्ण जब इस गुफा में प्रविष्ट हुए तो उन्होंने इस गुफा के भीतर महादेव शिव सहित 33 कोटि देवताओं के साक्षात दर्शन किये थे। द्वापर युग में पाण्डवों के यहां चौपड़ खेलने के अभिलेख भी यहां मिलते हैं। इसके बाद जगदगुरु आदि शंकराचार्य द्वारा लगभग 822 ईसवी में इस गुफा में तांबे का एक शिवलिंग स्थापित किया गया जो आज भी स्थित है।