Uttarakhand: तकनीकी इंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम में हुआ मीनाक्षी का चयन, जापान में देंगी योग प्रशिक्षण

सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की छात्रा मीनाक्षी पांडे अब जापान की राजधानी टोक्यों में योग का परचम लहराएंगी।
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प्रकृति से जुड़ने और आत्मिक शांति पाने का अवसर। केदार हिमालय की वो यात्राएं जो ज़िंदगी भर याद रहती हैं।

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Meenakshi Teach Yoga in Tokyo: Meenakshi Pandey Will Teach Yoga in Tokyo
Image: Meenakshi Pandey Will Teach Yoga in Tokyo

अल्मोड़ा: मीनाक्षी का चयन राज्य सरकार के विदेश रोजगार प्रकोष्ठ, सहसपुर, कौशल विकास एवं सेवायोजन विभाग, उत्तराखंड द्वारा आयोजित तकनीकी इंटर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत हुआ है।

Meenakshi Pandey Will Teach Yoga in Tokyo

इस चयन प्रक्रिया के पहले चरण में प्रतिभागियों के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। जो प्रतिभागी इस परीक्षा में सफल रहे, उन्हें आगे साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। इसके बाद उन्हें विदेशी भाषा में दक्षता प्रदान करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया गया। इसी प्रशिक्षण के दौरान, एसएसजे विश्वविद्यालय अल्मोड़ा की मीनाक्षी पांडे का चयन किया गया। मीनाक्षी 29 अक्टूबर को बेंगलुरु से टोक्यो के लिए प्रस्थान करेंगी। उन्होंने यह भी साझा किया कि वह टोक्यो में जाकर लोगों को योग के लाभ समझाने और उन्हें स्वस्थ रहने की विधि सिखाने का कार्य करेंगी, साथ ही विभिन्न आसनों का अभ्यास भी कराएंगी।

भारतीय संस्कृति योग की प्राचीन परंपरा का वैश्विक प्रसार

मीनाक्षी पांडे के इस चयन पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट और योग विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉ. नवीन चंद्र भट्ट सहित अन्य ने उन्हें बधाई दी और शुभकामनाएं दी हैं। वर्तमान समय में जब जीवन की गति तेज हो गई है, योग का महत्व और भी बढ़ गया है। महर्षि पतंजलि द्वारा विकसित योग भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। अब विश्व भर में लोग योग के लाभों को समझने लगे हैं, क्योंकि यह तनाव को कम करने और मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक है। नियमित योगाभ्यास करने वाले व्यक्तियों को हमेशा ताजगी का अनुभव होता है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग की मांग में वृद्धि हो रही है।