Advertisement
Untouched Trekking Routes in Kedar Himalaya, Uttarakhand
Lesser-known treks offering breathtaking Himalayan views. A perfect blend of adventure, solitude, and spirituality.
Example Ads Media
पिथौरागढ़: स्वास्तिका कार्की ने अपनी मेहनत और लगन से ये उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने कड़ी मेहनत से जूनियर रिसर्च फेलोशिप की परीक्षा उत्तीर्ण की है। ये सफलता प्राप्त कर उन्होंने अपने परिजनों के साथ जिले का भी मान बढ़ाया है।
आपको बता दें कि स्वास्तिका कार्की पिथौरागढ़ जनपद के बेरीनाग की मूल निवासी हैं। वर्तमान में वे अपने परिवार के साथ नैनीताल जनपद के मल्लीताल में रहती हैं। स्वास्तिका बचपन से ही एक होनहार और मेहनती विद्यार्थी रही हैं। उन्होंने अपनी प्राथमिक से इंटरमीडिएट तक की शिक्षा नैनीताल के सेंट मेरी कॉन्वेंट कॉलेज से पूरी की। उसके बाद उन्होंने ग्राफिक ऐरा देहरादून से ग्रेजुएशन कम्प्लीट किया। कुमाऊं विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्रथम श्रेणी से प्राप्त की। वर्तमान में वे लखनऊ विश्वविद्यालय से अंग्रेजी विषय में शोध कर रही है। स्वस्तिक का कहना है कि मैं बेटी हूं लेकिन बेटा बन कर और माता-पिता का सर ऊंचा करुँगी।
स्वास्तिका के पिता खुशाल सिंह राजकीय इंटर कॉलेज कार्की के प्रधानाचार्य पद पर सेवानिवृत हुए हैं। उनकी माता पुष्पा कार्की मोहन लाल साह बालिका इंटर कॉलेज नैनीताल में सहायक अध्यापिका पद से सेवानिवृत हुई हैं। स्वास्तिका का भाई लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर देश की सेवा कर रहा है। स्वास्तिका ने अपनी सफलता का श्रेय अपनी माता-पिता और अपने गुरुजनों को दिया है। वे लोग अपनी बेटी की इस उपलब्धि से बेहत खुश हैं।