उत्तराखंड: AIIMS ऋषिकेश का सर्वर ठप, 2 दिनों से डिस्चार्ज नहीं हुए मरीज.. जरूरी सुविधाएं भी प्रभावित

ऋषिकेश से बड़ी खबर आ रही है, AIIMS में सर्वर ठप हो गया है। 2 दिन से सैकड़ों लोग परेशान हैं, मरीज और परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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AIIMS Rishikesh Server Down: AIIMS Rishikesh Server Down patients not discharged for 2 days
Image: AIIMS Rishikesh Server Down patients not discharged for 2 days

ऋषिकेश: AIIMS ऋषिकेश का 2 दिनों से सर्वर ठप है जिसके कारण सैकड़ों मरीज और परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आलम है कि किसी भी मरीज को डिस्चार्ज तक नहीं किया जा रहा है। AIIMS PRO का स्थिति को लेकर बस ये कहना था कि "आपको खबर चलानी है आप चलाइए हमारा प्रशासन है हम इसी तरह से काम करेंगे"।

AIIMS Rishikesh Server Down, Patients not discharged for 2 days

AIIMS ऋषिकेश में पिछले 48 घंटों से सभी परेशान हैं, यहां 2 दिन से सर्वर ठप है और पीआरओ ने चुप्पी साधी हुई है लेकिन प्रशासन का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। एम्स ऋषिकेश में हालात बुरे हैं। मरीजों को डिस्चार्ज नहीं किया जा रहा है। तमाम परेशानियां व्यवस्थाओं पर बड़े सवाल उठा रही हैं। 48 घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है और ऋषिकेश एम्स का सर्वर नहीं चल रहा है। ऋषिकेश एम्स की अपनी समस्याओं के कारण दिक्कतों का सामना मरीजों को करना पड़ रहा है। करीब अड़तालीस घंटे से ज्यादा का समय हो चुका है और मरीजों को न तो डिस्चार्ज किया जा रहा है न एमर्जेंसी में भर्ती कराया जा रहा है। AIIMS प्रशासन का कहना है कि वो मैनुवल चीजें नहीं कर सकते हैं और जब तक सर्वर काम नहीं करेगा तब तक वो कुछ भी काम नहीं कर पाएंगे।

बिना बिलिंग के नहीं हो रहे डिस्चार्ज

AIIMS ऋषिकेश में न तो बिलिंग हो रही है न ही किसी मरीज को डिस्चार्ज किया जा रहा है। डॉक्टर हालांकि मरीजों को डिस्चार्ज कर रहे हैं, लेकिन जब तक बिलिंग नहीं होगी तब तक मरीज डिस्चार्ज नहीं हो सकेगा। बिलिंग मैनुअल नहीं हो रही, केवल ऑनलाइन सिस्टम से ही यहां बिलिंग है और केवल 70 रूपए के लिए भी मरीजों को वहाँ पर 48 घंटों से रखा जा रहा है।

कहीं ऑन-लाइन तो कहीं ऑफ-लाइन समस्याएं

हैरानी की बात ये है कि पहाड़ के अस्पतालों में ये व्यवस्था बिलकुल उलट है। जहां AIIMS ऋषिकेश में ऑनलाइन व्यवस्था का रोना रोकर स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर अमानवीयता दिखाई जा रही है, पहाड़ के अस्पतालों में पूरी व्यवस्था ऑफलाइन है। उदाहरण के तौर पर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित गुप्तकाशी में चारधाम यात्रा का मुख्य पड़ाव है, यहां केदारघाटी का अंतिम सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। इस अस्पताल में कोई मरीज 14 रुपये खुले लेकर न आये तो प्रशासन किसी की नहीं सुनता। आपको बता दें कि पहाड़ के अस्पतालों से दूर दूर तक कोई दुकान तक नहीं होती, जहां से मरीज कुछ खुले पैसे ले आये। दर्द से तड़पता हुआ मरीज यदि ऑनलाइन भुगतान करना चाहे तो वो उसे यह सुविधा नहीं मिलती। हां, दवाइयां खरीदने के लिए ऑनलाइन भुगतान की सुविधा सभी जगह मिल रही है। फिलहाल देखना है, AIIMS ऋषिकेश में जरूरी सेवाएँ कब तक शुरू हो पाती हैं।