उत्तराखंड: खतौनी में जमीन का नहीं मिला ब्यौरा, कैंची धाम में बाहर के लोगों की 210 नाली जमीन जब्त

कैंची धाम तहसील क्षेत्र छह व्यक्तियों की 210 नाली भूमि को प्रशासन ने जब्त किया है। उत्तराखंड की भूमि नीति का उल्लंघन करना बाहरी राज्य के व्यक्तियों को महंगा पड़ा गया।
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Land Laws in Uttarakhand: No details in Khatauni 210 Nali land confiscated in Kainchi Dham
Image: No details in Khatauni 210 Nali land confiscated in Kainchi Dham

नैनीताल: उत्तराखंड में सख्त भू कानून नीति के चलते प्रशासन इस मामले में सख्ती दिखा रहा है। भू नीति का अनुपालन करने पर, पहले नैनीताल में फिर अल्मोड़ा में और फिर से नैनीताल में बाहरी लोगों द्वारा खरीदी गई जमीन को जब्त किया गया है।

No details in Khatauni: 210 Nali land confiscated in Kainchi Dham

नैनीताल जिले के कैंची धाम तहसील क्षेत्र में छह बाहरी राज्य के व्यक्तियों ने 210 नाली जमीन खरीदी गई थी। लेकिन उन्होंने इस जमीन पर उत्तराखंड भू-कानून और ली गई अनुमति के अनुरूप काम नहीं किया। इसके बाद एसडीएम वीसी पंत द्वारा गठित टीम ने उक्त लोगों की ओर से खरीदी गई जमीन की गहनता से जांच की गई। जांच में पता लगा कि उन लोगों ने राज्य की भूमि नीति का उल्लंघन किया है, जिस कारण उक्त लोगों की जमीन को राज्य सरकार में निहित करने की संस्तुति की गई।

खरीदी गई जमीन का खतौनी में नहीं ब्योरा

एसडीएम VC पंत ने बताया कि कैंची धाम तहसील क्षेत्र के चौरसा गांव में पीयूष सिंघानिया की 50 नाली और कूल गांव में महस्पति पंवार की 100 नाली जमीन के अलावा छिमी गांव में एक आदमी की और प्यूड़ा गांव में तीन लोगों की 60 नाली जमीन खरीदी गई है। प्रशासन की टीम ने जब जमीन की गहनता से जांच की तो पता लगा कि उक्त व्यक्तियों द्वारा खरीदी गई जमीन का खतौनी में ब्योरा नहीं है। जिस कारण से इस मामले में जमीन खरीदारों को नोटिस भेजा गया है। भूमि नीति का पालन न किए जाने के कारण इन जमीनों को राज्य सरकार में निहित के लिए रिपोर्ट भेज दी गई है। एसडीएम की कार्रवाई के बाद से बाहरी (जिनकी जमीन उत्तराखंड में है) लोगों में खलबली मची हुई है।