Uttarakhand News: टिहरी के भटोली गांव में 7 परिवार बने ईसाई, मिशनरी ने करवा दिया कन्वर्जन

उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ना अब एक गंभीर चिंता का विषय बन गई हैं। इससे न केवल स्थानीय संस्कृति और परंपराओं पर असर पड़ रहा है, बल्कि समाज में तनाव भी उत्पन्न हो रहा है।
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7 Families Adopted Christianity: Seven Families Adopted Christianity in Tehri Garhwal
Image: Seven Families Adopted Christianity in Tehri Garhwal

टिहरी गढ़वाल: नरेंद्रनगर के भटोली गांव में सात परिवारों ने ईसाई धर्म अपनाया है, जो स्थानीय समुदाय के लिए चिंता का कारण बन रहा है। मिशनरी द्वारा यहां प्रार्थना सभाएं आयोजित कर लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

Seven Families Adopted Christianity in Tehri Garhwal

उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में ईसाई मिशनरियों के सक्रिय होने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। हाल ही में नरेंद्र नगर के भटोली गांव में सात परिवारों द्वारा ईसाई धर्म अपनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों ने इसे लेकर डीएम को ज्ञापन सौंपकर इस मुद्दे पर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों का कहना है कि मिशनरी संगठन घर-घर जाकर प्रार्थना सभाओं का आयोजन कर रहे हैं और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वे हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ गलत प्रचार भी कर रहे हैं, जिसे यहां की जनता सहन नहीं करेगी।

धर्मांतरण कानून के बाद भी, मिशनरी गतिविधियाँ नहीं रुकीं

इसी तरह की घटना धारचूला में भी सामने आई है, जहां दो युवकों ने प्रलोभन के कारण ईसाई धर्म अपना लिया। इस मामले में हिंदुत्व संगठन ने इन युवकों से संपर्क किया है और उन्हें उनके धर्म की ओर वापस लाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। उत्तराखंड में धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विशेष कानून लागू है, जिसके तहत धर्म परिवर्तन कराना और स्वीकार करना दोनों ही अपराध माने जाते हैं। प्रशासन इन मामलों की जांच कर रहा है और संबंधित कार्रवाई की जा रही है।