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जहां आज भी सिर्फ चरवाहे जाते हैं – केदार हिमालय के अनदेखे ट्रेक्स
प्रकृति, शांति और हिमालय – केदार के गुप्त ट्रेक्स.. यहां कदम रखते ही बदल जाती है सांस और सोच – Hidden Kedar Trails
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रुद्रपुर: जीबी पंत विश्वविद्यालय की छात्र आभा रावत ने स्वर्ण पदक हासिल कर अपने परिवार का गौरव बढ़ाया है। उनके पिता आइसक्रीम की दुकान चलाते हैं और मां गृहिणी हैं, लेकिन साधारण पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने बीएससी की पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
सपने उन्हीं के पूरे होते हैं जो कठिनाइयों को पार कर अपनी राह खुद बनाते हैं। इस कहावत को सच कर दिखाया है आभा रावत ने। चौखुटिया क्षेत्र के मासी निवासी गोविंद सिंह रावत की बेटी आभा ने जीबी पंत विश्वविद्यालय से बीएससी में स्वर्ण पदक हासिल कर अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली आभा के पिता आइसक्रीम की छोटी सी दुकान चलाते हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। सीमित साधनों के बावजूद आभा के बड़े भाई वरुण रावत सॉफ्टवेयर इंजीनियर बने और उनके इस संघर्ष ने आभा को भी अपने सपनों को उड़ान देने का हौसला दिया।
आभा ने बताया कि पढ़ाई के साथ-साथ वह घर के कामों में मां ममता रावत का सहयोग करती थीं। पिता ने भाई-बहन की पढ़ाई के दौरान तमाम आर्थिक मुश्किलों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। बुधवार को स्वर्ण पदक प्राप्त करते समय आभा को अपने संघर्ष और परिवार के बलिदान पर गर्व महसूस हुआ। उन्होंने अपने दिन के 4 से 6 घंटे पढ़ाई को समर्पित किए और मेहनत व समर्पण की बदौलत यह उपलब्धि हासिल की। उनका यह सफर उन सभी के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।